भजन, भक्ति का स्वर

संतों के पद और स्तोत्र, उन्हीं के शब्दों में, हिन्दी और अंग्रेज़ी में पूरे अर्थ सहित। केवल पारम्परिक पाठ, पंक्ति-पंक्ति मिलाए हुए।

128भजन40संतों ने गाया

जिन संतों ने गाया

गोस्वामी तुलसीदासगोस्वामी तुलसीदास1532–1623 ई. (एक परंपरा जन्म 1497 मानती है)9 भजनसूरदाससूरदासलगभग 1478 – लगभग 1580 ई.9 भजनमीराबाईमीराबाईलगभग 1498 – लगभग 1547 ई.8 भजनसंत कबीरसंत कबीरकबीर पंथ के अनुसार: 1398–1518 ई. · इतिहासकारों के अनुसार: लगभग 1440–1518 ई.6 भजनसंत रविदास (रैदास)संत रविदास (रैदास)15वीं–16वीं शताब्दी ई.3 भजनसंत नामदेवसंत नामदेवलगभग 1270–1350 ई.3 भजनगुरु नानक देव जीगुरु नानक देव जी1469–1539 ई.1 भजननरसिंह मेहतानरसिंह मेहतालगभग 1414 – लगभग 1481 ई.4 भजनसंत तुकारामसंत तुकाराम1608–1650 ई.5 भजनसंत ज्ञानेश्वर (ज्ञानेश्वर माउली)संत ज्ञानेश्वर (ज्ञानेश्वर माउली)1275–1296 ई.2 भजनसमर्थ रामदाससमर्थ रामदास1608–1682 ई.3 भजनश्री चैतन्य महाप्रभुश्री चैतन्य महाप्रभु1486–1534 ई.1 भजनविद्यापति ठाकुरलगभग 1352 – लगभग 1448 ई.2 भजनरसखानलगभग 1548 – लगभग 1628 ई.3 भजनपंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी1837–1881 ई.1 भजनआदि शंकराचार्यआदि शंकराचार्यआम्नाय मठों की गणना से 509–477 ई.पू.; एक अन्य प्रचलित गणना से 788–820 ई.12 भजनमहर्षि वाल्मीकिमहर्षि वाल्मीकित्रेता युग, श्रीराम के समकालीन (परंपरागत)1 भजनमहर्षि वेदव्यासमहर्षि वेदव्यासद्वापर युग का अन्त (परंपरागत); चिरंजीवी1 भजनजयदेव गोस्वामीजयदेव गोस्वामी12वीं शताब्दी ई.2 भजनश्री वल्लभाचार्यश्री वल्लभाचार्य1479–1531 ई.1 भजनआण्डाळ (गोदा नाच्चियार)आण्डाळ (गोदा नाच्चियार)वैष्णव गुरु-परंपरा के अनुसार कलियुग का आरम्भ; इतिहासकारों के अनुसार लगभग 8वीं शताब्दी ई.4 भजनपेरियाळ्वार (विष्णुचित्त)गुरु-परंपरा के अनुसार कलियुग का आरम्भ; इतिहासकारों के अनुसार लगभग 9वीं शताब्दी ई.1 भजननम्माळ्वार (शठकोप)नम्माळ्वार (शठकोप)गुरु-परंपरा के अनुसार कलियुग का आरम्भ; इतिहासकारों के अनुसार लगभग 9वीं शताब्दी ई.1 भजनअप्पर (तिरुनावुक्करसर)अप्पर (तिरुनावुक्करसर)7वीं शताब्दी ई.1 भजनतिरुज्ञानसम्बन्दरतिरुज्ञानसम्बन्दर7वीं शताब्दी ई.1 भजनसुन्दरर (सुन्दरमूर्ति नायनार)8वीं शताब्दी ई.1 भजनमाणिक्कवाचकरमाणिक्कवाचकरअनेक इतिहासकारों के अनुसार लगभग 9वीं शताब्दी ई.; शैव परंपरा इससे पहले मानती है1 भजनअरुणगिरिनाथर15वीं शताब्दी ई.1 भजनदेवराय स्वामिगळ्19वीं शताब्दी ई.1 भजनसद्गुरु त्यागराजसद्गुरु त्यागराज1767–1847 ई.5 भजनमुत्तुस्वामी दीक्षितर1775–1835 ई.3 भजनश्यामा शास्त्री1762–1827 ई.1 भजनपुरन्दर दासपुरन्दर दास1484–1564 ई.3 भजनकनक दासकनक दास1509–1609 ई.1 भजनताळ्ळपाक अन्नमाचार्यताळ्ळपाक अन्नमाचार्य1408–1503 ई.4 भजनभद्राचल रामदास (कंचर्ल गोपन्ना)लगभग 1620 – लगभग 1688 ई.2 भजननारायण तीर्थलगभग 1650 – लगभग 1745 ई. (वृत्तान्तों में तिथियाँ भिन्न)1 भजनस्वाति तिरुनाळ् राम वर्मा1813–1846 ई.1 भजनपून्तानम् नम्बूदिरिलगभग 1547 – लगभग 1640 ई. (परंपरागत तिथियाँ)1 भजनतुंचत्तु रामानुजन् एऴुत्तच्छन्16वीं शताब्दी ई.1 भजन

हर भजन

128 भजन, पद और स्तोत्र। देवता या भाषा से छाँटें।

128 दिख रहे हैं

हनुमान

श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि॥

हनुमान चालीसा (श्रीगुरु चरन सरोज रज)

गोस्वामी तुलसीदास · अवधी
श्रीराम

श्रीरामचंद्र कृपालु भजु मन हरण भवभय दारुणं। नवकंज लोचन कंज मुख कर कंज पद कंजारुणं॥

श्रीरामचंद्र कृपालु भजु मन

गोस्वामी तुलसीदास · अवधी
श्रीराम

ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैंजनियाँ॥ किलकि किलकि उठत धाय गिरत भूमि लटपटाय।

ठुमक चलत रामचंद्र बाजत पैंजनियाँ

गोस्वामी तुलसीदास · अवधी
गणेश

गाइये गनपति जगबंदन। संकर सुवन भवानी नंदन॥

गाइये गनपति जगबंदन

गोस्वामी तुलसीदास · अवधी
श्रीराम

अब लौं नसानी, अब न नसैहौं। रामकृपा भव-निसा सिरानी, जागे फिरि न डसैहौं॥

अब लौं नसानी, अब न नसैहौं

गोस्वामी तुलसीदास · अवधी
श्रीराम

कबहुँक हौं यहि रहनि रहौंगो। श्री रघुनाथ कृपालु कृपा तें संत सुभाव गहौंगो॥

कबहुँक हौं यहि रहनि रहौंगो

गोस्वामी तुलसीदास · अवधी
श्रीराम

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौसल्या हितकारी। हरषित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी॥

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला

गोस्वामी तुलसीदास · अवधी
विष्णु

जय जय सुरनायक जन सुखदायक प्रनतपाल भगवंता। गो द्विज हितकारी जय असुरारी सिंधुसुता प्रिय कंता॥

जय जय सुरनायक जन सुखदायक

गोस्वामी तुलसीदास · अवधी
शिव

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं। विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं॥ निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं। चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहं॥

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं (श्रीरुद्राष्टकम्)

गोस्वामी तुलसीदास · संस्कृत
श्रीकृष्ण

मैया! मैं नहिं माखन खायो। जानि परै ये सखा सबै मिलि मेरो मुख लपटायो॥

मैया, मैं नहिं माखन खायो

सूरदास · ब्रज
श्रीकृष्ण

निसिदिन बरसत नैन हमारे। सदा रहत पावस ऋतु हम पर जबते स्याम सिधारे॥

निसिदिन बरसत नैन हमारे

सूरदास · ब्रज
श्रीकृष्ण

हमारे प्रभु, औगुन चित न धरौ। समदरसी है नाम तुहारौ, सोई पार करौ॥

हमारे प्रभु, औगुन चित न धरौ

सूरदास · ब्रज
श्रीकृष्ण

मैया कबहुँ बढ़ैगी चोटी। किती बेर मोहि दूध पियत भइ यह अजहूँ है छोटी॥

मैया, कबहुँ बढ़ैगी चोटी

सूरदास · ब्रज
श्रीकृष्ण

अब मैं नाच्यौ बहुत गुपाल। काम-क्रोध कौ पहिरि चोलना, कंठ बिषय की माल॥

अब मैं नाच्यौ बहुत गुपाल

सूरदास · ब्रज
श्रीकृष्ण

जसोदा हरि पालनैं झुलावै। हलरावै दुलराइ मल्हावै जोइ-जोइ कछु गावै॥

जसोदा हरि पालनैं झुलावै

सूरदास · ब्रज
श्रीकृष्ण

चरन कमल बंदौं हरि राई। जाकी कृपा पंगु गिरि लंघै, आंधर कों सब कछु दरसाई॥

चरन कमल बंदौं हरि राई

सूरदास · ब्रज
श्रीकृष्ण

मेरो मन अनत कहाँ सुख पावै। जैसे उड़ि जहाज की पंछी फिरि जहाज पै आवै॥

मेरो मन अनत कहाँ सुख पावै

सूरदास · ब्रज
श्रीकृष्ण

सबसे ऊँची प्रेम सगाई। दुर्योधन की मेवा त्यागी, साग बिदुर घर पाई॥

सबसे ऊँची प्रेम सगाई

सूरदास · ब्रज
श्रीकृष्ण

पायो जी म्हें तो राम रतन धन पायो। वस्तु अमोलक दी म्हारे सतगुरु, किरपा कर अपनायो॥

पायो जी म्हें तो राम रतन धन पायो

मीराबाई · राजस्थानी
श्रीकृष्ण

मेरे तो गिरधर गोपाल दूसरो न कोई। जाके सिर है मोरपखा मेरो पति सोई॥

मेरे तो गिरधर गोपाल, दूसरो न कोई

मीराबाई · राजस्थानी
श्रीकृष्ण

हे री मैं तो प्रेम-दिवानी मेरो दरद न जाणै कोय। घायल की गति घायल जाणै जो कोई घायल होय॥

हे री मैं तो प्रेम-दिवानी

मीराबाई · राजस्थानी
श्रीकृष्ण

पग घूँघरू बाँध मीरा नाची रे। मैं तो मेरे नारायण की आपहि हो गई दासी रे॥

पग घूँघरू बाँध मीरा नाची रे

मीराबाई · राजस्थानी
श्रीकृष्ण

बसो मोरे नैनन में नंदलाल। मोहनी मूरति साँवरि सूरति नैणा बने बिसाल॥

बसो मोरे नैनन में नंदलाल

मीराबाई · ब्रज
विष्णु

हरि तुम हरो जन की भीर। द्रोपदी की लाज राखी तुम बढ़ायो चीर॥

हरि तुम हरो जन की भीर

मीराबाई · ब्रज
श्रीकृष्ण

स्याम मने चाकर राखो जी। गिरधारी लाला चाकर राखो जी॥

स्याम मने चाकर राखो जी

मीराबाई · राजस्थानी
श्रीकृष्ण

माई मैनें गोविंद लीन्हो मोल॥ कोई कहे हलका कोई कहे भारी।

माई, मैनें गोविंद लीन्हो मोल

मीराबाई · राजस्थानी
निर्गुण

मोको कहाँ ढूँढे रे बंदे मैं तो तेरे पास में

मोको कहाँ ढूँढे रे बंदे

संत कबीर · सधुक्कड़ी
निर्गुण

झीनी झीनी बीनी चदरिया॥ काहे कै ताना काहे कै भरनी

झीनी झीनी बीनी चदरिया

संत कबीर · सधुक्कड़ी
निर्गुण

घूँघट का पट खोल रे, तोको पीव मिलेंगे। घट-घट में वह साँई रमता, कटुक वचन मत बोल रे॥

घूँघट का पट खोल रे, तोको पीव मिलेंगे

संत कबीर · सधुक्कड़ी
निर्गुण

मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में॥ जो सुख पाऊँ राम भजन में

मन लाग्यो मेरो यार फ़कीरी में

संत कबीर · सधुक्कड़ी
निर्गुण

काहे री नलिनी तू कुमिलानी। तेरे ही नालि सरोवर पानी॥

काहे री नलिनी तू कुमिलानी

संत कबीर · सधुक्कड़ी
गुरु

गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूँ पाँय। बलिहारी गुरु आपनो, गोविंद दियो बताय॥

कबीर के बारह दोहे

संत कबीर · सधुक्कड़ी
निर्गुण

अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी। प्रभु जी तुम चंदन हम पानी। जाकी अँग-अँग बास समानी॥

प्रभु जी तुम चंदन हम पानी

संत रविदास (रैदास) · सधुक्कड़ी
निर्गुण

ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै॥ गरीब निवाजु गुसईआ मेरा माथै छत्रु धरै॥१॥ रहाउ॥

ऐसी लाल तुझ बिनु कउनु करै

संत रविदास (रैदास) · सधुक्कड़ी
निर्गुण

जउ तुम गिरिवर तउ हम मोरा॥ जउ तुम चंद तउ हम भए है चकोरा॥१॥

जउ तुम गिरिवर तउ हम मोरा

संत रविदास (रैदास) · सधुक्कड़ी
विष्णु

एक अनेक बिआपक पूरक जत देखउ तत सोई॥ माइआ चित्र बचित्र बिमोहित बिरला बूझै कोई॥१॥

एक अनेक बिआपक पूरक (सभु गोबिंदु है)

संत नामदेव · सधुक्कड़ी
विष्णु

आनीले कुँभ भराईले ऊदक ठाकुर कउ इसनानु करउ॥ बइआलीस लख जी जल महि होते बीठलु भैला काइ करउ॥१॥

आनीले कुँभ भराईले ऊदक (जत्र जाउ तत बीठलु भैला)

संत नामदेव · सधुक्कड़ी
विष्णु

हरि नांव हीरा हरि नांव हीरा। हरि नांव लेत मिटै सब पीरा॥

हरि नांव हीरा

संत नामदेव · सधुक्कड़ी
निर्गुण

गगन मै थालु रवि चंदु दीपक बने तारिका मंडल जनक मोती॥ धूपु मलआनलो पवणु चवरो करे सगल बनराइ फूलंत जोती॥१॥

गगन मै थालु (आरती)

गुरु नानक देव जी · सधुक्कड़ी
विष्णु

वैष्णवजन तो तेने रे कहीये, जे पीड पराई जाणे रे. परदुःखे उपकार करे तोये, मन अभिमान न आणे रे.

वैष्णव जन तो तेने कहिये

नरसिंह मेहता · गुजराती
विष्णु

अखिल ब्रह्मांडमां एक तुं श्रीहरि, जूजवे रूपे अनंत भासे;

अखिल ब्रह्मांडमां एक तुं श्रीहरि

नरसिंह मेहता · गुजराती
श्रीकृष्ण

जागने जादवा कृष्ण गोवाळिया तुज विना धेनमां कोण जाशे ?

जागने जादवा कृष्ण गोवाळिया

नरसिंह मेहता · गुजराती
श्रीकृष्ण

जळकमळ छांडी जाने बाळा, स्वामी अमारो जागशे जागशे, तने मारशे, मने बाळ हत्या लागशे

जळकमळ छांडी जाने बाळा (नागदमन)

नरसिंह मेहता · गुजराती
विष्णु

सुंदर तें ध्यान उभें विटेवरी। कर कटावरी ठेवूनियां॥१॥ तुळसीचे हार गळां कासे पीतांबर। आवडे निरंतर तें चि रूप॥ध्रु.॥

सुंदर तें ध्यान उभें विटेवरी

संत तुकाराम · मराठी
विष्णु

जें का रंजलें गांजलें। त्यासि म्हणे जो आपुलें॥१॥ तो चि साधु ओळखावा। देव तेथें चि जाणावा॥ध्रु.॥

जें का रंजलें गांजलें

संत तुकाराम · मराठी
निर्गुण

वृक्ष वल्ली आम्हां सोयरीं वनचरें। पक्षी ही सुस्वरें आळविती॥१॥ येणें सुखें रुचे एकांताचा वास। नाहीं गुण दोष अंगा येत॥ध्रु.॥

वृक्ष वल्ली आम्हां सोयरीं वनचरें

संत तुकाराम · मराठी
विष्णु

जेथें जातों तेथें तू माझा सांगाती। चालविसी हातीं धरूनियां॥१॥ चालों वाटे आम्ही तुझा चि आधार। चालविसी भार सवें माझा॥ध्रु.॥

जेथें जातों तेथें तू माझा सांगाती

संत तुकाराम · मराठी
निर्गुण

आनंदाचे डोहीं आनंदतरंग। आनंद चि अंग आनंदाचें॥१॥ काय सांगों जालें कांहीचियाबाहीं। पुढें चाली नाहीं आवडीनें॥ध्रु.॥

आनंदाचे डोहीं आनंदतरंग

संत तुकाराम · मराठी
गुरु

आतां विश्वात्मकें देवें। येणें वाग्यज्ञें तोषावें। तोषोनि मज द्यावें। पसायदान हें॥१॥

पसायदान (आतां विश्वात्मकें देवें)

संत ज्ञानेश्वर (ज्ञानेश्वर माउली) · मराठी
गणेश

ॐ नमोजी आद्या। वेद प्रतिपाद्या। जय जय स्वसंवेद्या। आत्मरूपा॥१॥

ॐ नमोजी आद्या (ज्ञानेश्वरी मंगलाचरण)

संत ज्ञानेश्वर (ज्ञानेश्वर माउली) · मराठी
गणेश

सुखकर्ता दुःखहर्ता वार्ता विघ्नांची। नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची।

सुखकर्ता दुःखहर्ता (गणेश आरती)

समर्थ रामदास · मराठी
श्रीराम

गणाधीश जो ईश सर्वां गुणांचा। मुळारंभ आरंभ तो निर्गुणाचा॥ नमूं शारदा मूळ चत्वार वाचा। गमूं पंथ आनंत या राघवाचा॥१॥

मनाचे श्लोक 1–10 (मना सज्जना)

समर्थ रामदास · मराठी
हनुमान

भीमरूपी महारुद्रा वज्रहनुमान मारुती। वनारी अंजनीसूता रामदूता प्रभंजना॥१॥

भीमरूपी महारुद्रा (मारुती स्तोत्र)

समर्थ रामदास · मराठी
श्रीकृष्ण

चेतोदर्पणमार्जनं भवमहादावाग्निनिर्वापणं श्रेयःकैरवचन्द्रिकावितरणं विद्यावधूजीवनम्।

शिक्षाष्टकम् (चेतोदर्पणमार्जनम्)

श्री चैतन्य महाप्रभु · संस्कृत
श्रीकृष्ण

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे॥

हरे कृष्ण महामंत्र

पारम्परिक · संस्कृत
देवी

जय जय भैरवि असुर भयाउनि पशुपति भामिनी माया

जय जय भैरवि असुर भयाउनि

विद्यापति ठाकुर · मैथिली
शिव

कखन हरब दुःख मोर हे भोलानाथ। दुखहि जनम भेल दुखहि गमाओल

कखन हरब दुःख मोर हे भोलानाथ

विद्यापति ठाकुर · मैथिली
श्रीकृष्ण

मानुस हौं तो वही रसखान, बसौं मिलि गोकुल गाँव के ग्वारन। जो पसु हौं तो कहा बस मेरो, चरौं नित नंद की धेनु मँझारन॥

मानुस हौं तो वही रसखान

रसखान · ब्रज
श्रीकृष्ण

धूरि भरे अति सोहत स्याम जू, तैसी बनी सिर सुंदर चोटी। खेलत खात फिरैं अँगना, पग पैंजनी बाजति, पीरी कछोटी॥

धूरि भरे अति सोहत स्याम जू

रसखान · ब्रज
श्रीकृष्ण

सेस गनेस महेस दिनेस, सुरेसहु जाहि निरंतर गावैं। जाहि अनादि अनंत अखंड, अछेद अभेद सुबेद बतावैं॥

सेस गनेस महेस दिनेस

रसखान · ब्रज
विष्णु

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट,

ॐ जय जगदीश हरे

पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी · हिन्दी
श्रीकृष्ण

आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला।

आरती कुंजबिहारी की

पारम्परिक · ब्रज
गणेश

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पारवती पिता महादेवा॥

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा

पारम्परिक · हिन्दी
शिव

जय शिव ओंकारा, भज शिव ओंकारा। ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥ हर हर हर महादेव॥

ॐ जय शिव ओंकारा

पारम्परिक · हिन्दी
देवी

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी। तुमको निस दिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवजी॥ जय अम्बे गौरी॥

जय अम्बे गौरी

पारम्परिक · हिन्दी
हनुमान

आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

आरती कीजै हनुमान लला की

पारम्परिक · अवधी
सूर्य

ॐ भूर्भुवः स्वः । तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि ।

गायत्री मन्त्र

पारम्परिक · संस्कृत
शिव

त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥

महामृत्युञ्जय मन्त्र

पारम्परिक · संस्कृत
श्रीकृष्ण

भज गोविन्दं भज गोविन्दं गोविन्दं भज मूढमते ।

भज गोविन्दम् (मोहमुद्गर)

आदि शंकराचार्य · संस्कृत
हनुमान

अतुलितबलधामं स्वर्णशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् ।

श्रीहनुमत्प्रणाम श्लोक (मनोजवं आदि)

पारम्परिक · संस्कृत
शिव

जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम् । डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥१॥

शिवताण्डव स्तोत्रम्

पारम्परिक · संस्कृत
शिव

ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥१॥

लिङ्गाष्टकम्

पारम्परिक · संस्कृत
श्रीकृष्ण

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरम् । हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥१॥

मधुराष्टकम्

श्री वल्लभाचार्य · संस्कृत
विष्णु

अच्युतं केशवं रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम् ।

अच्युताष्टकम्

आदि शंकराचार्य · संस्कृत
देवी

अयि गिरिनन्दिनि नन्दितमेदिनि विश्वविनोदिनि नन्दनुते गिरिवरविन्ध्यशिरोधिनिवासिनि विष्णुविलासिनि जिष्णुनुते ।

महिषासुरमर्दिनी स्तोत्रम् (अयि गिरिनन्दिनि)

पारम्परिक · संस्कृत
शिव

नागेन्द्रहाराय विलोचनाय भस्माङ्गरागाय महेश्वराय ।

शिवपञ्चाक्षर स्तोत्र

आदि शंकराचार्य · संस्कृत
निर्गुण

मनोबुद्ध्यहङ्कारचित्तानि नाहं न च श्रोत्रजिह्वे न च घ्राणनेत्रे ।

निर्वाणषट्कम् (आत्मषट्कम्)

आदि शंकराचार्य · संस्कृत
देवी

अङ्गं हरेः पुलकभूषणमाश्रयन्ती भृङ्गाङ्गनेव मुकुलाभरणं तमालम् ।

कनकधारा स्तोत्र

आदि शंकराचार्य · संस्कृत
सूर्य

ततो युद्धपरिश्रान्तं समरे चिन्तया स्थितम् । रावणं चाग्रतो दृष्ट्वा युद्धाय समुपस्थितम् ॥१॥

आदित्यहृदयम्

महर्षि वाल्मीकि · संस्कृत
विष्णु

शुक्लाम्बरधरं विष्णुं शशिवर्णं चतुर्भुजम् । प्रसन्नवदनं ध्यायेत् सर्वविघ्नोपशान्तये ॥

श्रीविष्णुसहस्रनाम (आरम्भ, चयन)

महर्षि वेदव्यास · संस्कृत
श्रीराम

ॐ श्रीगणेशाय नमः । अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक ऋषिः ।

श्रीरामरक्षास्तोत्रम्

पारम्परिक · संस्कृत
गणेश

वातापिगणपतिं भजेऽहं वारणास्यं वरप्रदं श्री

वातापिगणपतिं

मुत्तुस्वामी दीक्षितर · संस्कृत
श्रीराम

ऎंदरो महानुभावु लंदरिकि वंदनमु चंदुरु वर्णुनि यंद चंदमुनु हृदया

एन्दरो महानुभावुलु

सद्गुरु त्यागराज · तेलुगु
देवी

भाग्यद लक्ष्मी बारम्म नम्मम्म नी सौभाग्यद लक्ष्मी बारम्म

भाग्यद लक्ष्मी बारम्मा

पुरन्दर दास · कन्नड़
श्रीकृष्ण

मार्गऴित् तिङ्गळ् मदिनिऱैन्द नऩ्ऩाळाल् नीराडप् पोदुवीर् पोदुमिऩो नेरिऴैयीर्

तिरुप्पावै 1: मार्गऴि तिङ्गळ्

आण्डाळ (गोदा नाच्चियार) · तमिल
मुरुगन

अमरर् इडर्दीर अमरम् पुरिन्द कुमरऩ् अडि नॆञ्जे कुऱि

कन्द षष्टि कवचम् (आरम्भ)

देवराय स्वामिगळ् · तमिल
विष्णु

तंदनान आहि तंदनान पुरॆ तंदनान भळा तंदनान

ब्रह्ममॊकटे (तन्दनान आहि)

ताळ्ळपाक अन्नमाचार्य · तेलुगु
गणेश

मुदाकरात्तमोदकं सदा विमुक्तिसाधकं कलाधरावतंसकं विलासिलोकरक्षकम् ।

गणेश पञ्चरत्नम्

आदि शंकराचार्य · संस्कृत
शिव

देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम् ।

कालभैरवाष्टकम्

आदि शंकराचार्य · संस्कृत
देवी

नित्यानन्दकरी वराभयकरी सौन्दर्यरत्नाकरी निर्धूताखिलघोरपावनकरी प्रत्यक्षमाहेश्वरी ।

अन्नपूर्णा स्तोत्र (अन्नपूर्णाष्टकम्)

आदि शंकराचार्य · संस्कृत
विष्णु

प्रलयपयोधिजले धृतवानसि वेदम् । विहितवहित्रचरित्रमखेदम् ॥

प्रलयपयोधिजले (दशावतार स्तोत्र, गीतगोविन्द अष्टपदी 1)

जयदेव गोस्वामी · संस्कृत
श्रीराम

नगुमोमु गनलेनि ना जालिँ दॆलिसि नन्नु ब्रोवग रादा श्री रघुवर नी

नगुमोमु गनलेनि

सद्गुरु त्यागराज · तेलुगु
श्रीकृष्ण

जगदोद्धारन आडिसिदळॆशोदॆ जगदोद्धारन मगनॆंदु तिळियुत

जगदोद्धारना

पुरन्दर दास · कन्नड़
श्रीकृष्ण

मुद्दुगारे यशोद मुंगिटि मुत्यमु वीडु दिद्दरानि महिमल देवकी सुतुडु

मुद्दुगारे यशोदा

ताळ्ळपाक अन्नमाचार्य · तेलुगु
शिव

त्रिदलं त्रिगुणाकारं त्रिनेत्रं च त्रियायुधम् । त्रिजन्मपापसंहारं एकबिल्वं शिवार्पणम् ॥१॥

बिल्वाष्टकम्

पारम्परिक · संस्कृत
शिव

रत्नैः कल्पितमासनं हिमजलैः स्नानं च दिव्याम्बरं नानारत्नविभूषितं मृगमदामोदाङ्कितं चन्दनम् ।

शिवमानसपूजा

आदि शंकराचार्य · संस्कृत
देवी

अपराधसहस्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया । दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वरि ॥१॥

क्षमा प्रार्थना (अपराधसहस्राणि)

पारम्परिक · संस्कृत
देवी

मार्कण्डेय उवाच यद्गुह्यं परमं लोके सर्वरक्षाकरं नृणाम् ।

देवी कवचम्: नवदुर्गा (आरम्भिक श्लोक)

पारम्परिक · संस्कृत
शिव

नमच्चिवाय वाअऴ्ग नादऩ् ताळ् वाऴ्ग इमैप्पॊऴुदुम् ऎऩ् नॆञ्जिल् नीङ्गादाऩ् ताळ् वाऴ्ग

सिवपुराणम्: नमच्चिवाय वाऴ्ग (पंक्ति 1–20)

माणिक्कवाचकर · तमिल
श्रीकृष्ण

वङ्गक् कडल्गडैन्द मादवऩैक् केसवऩैत् तिङ्गळ् तिरुमुगत्तुच् चेयिऴैयार् सॆऩ्ऱिऱैञ्जि

तिरुप्पावै 30: वङ्गक् कडल्

आण्डाळ (गोदा नाच्चियार) · तमिल
श्रीकृष्ण

सामजवरगमन साधुहृत्सारसाब्जपाल कालातीतविख्यात

सामजवरगमन

सद्गुरु त्यागराज · संस्कृत
श्रीराम

जगदानन्दकारक जय जानकीप्राणनायक गगनाधिपसत्कुलज राजराजेश्वर

जगदानन्दकारक

सद्गुरु त्यागराज · संस्कृत
विष्णु

अदिवो अल्लदिवो श्रीहरिवासमु पदिवेल शेषुल पडगलमयमु

अदिवो अल्लदिवो

ताळ्ळपाक अन्नमाचार्य · तेलुगु
श्रीराम

पलुके बंगारमायॆना कोदंडपाणि पलुके बंगारमायॆ पिलिचिन पलुकवेमि

पलुके बंगारमायॆना

भद्राचल रामदास (कंचर्ल गोपन्ना) · तेलुगु
श्रीराम

भावयामि रघुरामं भव्यसुगुणारामम्

भावयामि रघुरामम्

स्वाति तिरुनाळ् राम वर्मा · संस्कृत
देवी

शिवः शक्त्या युक्तो यदि भवति शक्तः प्रभवितुं न चेदेवं देवो न खलु कुशलः स्पन्दितुमपि ।

सौन्दर्यलहरी (चुने हुए श्लोक)

आदि शंकराचार्य · संस्कृत
गुरु

शरीरं सुरूपं तथा वा कलत्रं यशश्चारु चित्रं धनं मेरुतुल्यम् ।

गुर्वष्टकम्

आदि शंकराचार्य · संस्कृत
देवी

न तातो न माता न बन्धुर्न दाता न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता ।

भवान्यष्टकम्

आदि शंकराचार्य · संस्कृत
विष्णु

पल्लाण्डु पल्लाण्डु पल्लायिरत्ताण्डु पलगोडि नूऱायिरम्

तिरुप्पल्लाण्डु 1: पल्लाण्डु पल्लाण्डु

पेरियाळ्वार (विष्णुचित्त) · तमिल
श्रीकृष्ण

सिऱ्ऱञ् जिऱुकाले वन्दुऩ्ऩैच् चेवित्तुऩ् पॊऱ्ऱामरै अडिये पोऱ्ऱुम् पॊरुळ्केळाय्

तिरुप्पावै 29: सिऱ्ऱम् सिऱु काले

आण्डाळ (गोदा नाच्चियार) · तमिल
श्रीकृष्ण

मायऩै मऩ्ऩु वडमदुरै मैन्दऩैत् तूय पॆरुनीर् यमुऩैत् तुऱैवऩै

तिरुप्पावै 5: मायऩै

आण्डाळ (गोदा नाच्चियार) · तमिल
शिव

तोडुडैय सॆवियऩ् विडैयेऱियोर् तूवॆण् मदिसूडिक् काडुडैय सुडलैप् पॊडिबूसियॆऩ् उळ्ळङ् गवर्गळ्वऩ्

तोडुडैय सॆवियऩ् (सम्बन्दर्, तेवारम् 1.1.1)

तिरुज्ञानसम्बन्दर · तमिल
शिव

कूऱ्ऱायिऩ वाऱु विलक्कगिलीर् कॊडुमै पल सॆय्दऩ नाऩऱियेऩ्

कूऱ्ऱायिऩ वाऱु (अप्पर्, तेवारम् 4.1.1)

अप्पर (तिरुनावुक्करसर) · तमिल
शिव

पित्ता पिऱैसूडी पॆरुमाऩे अरुळाळा ऎत्ताऩ् मऱवादे निऩैक्किऩ्ऱेऩ् मऩत्तुऩ्ऩै

पित्ता पिऱैसूडी (सुन्दरर्, तेवारम् 7.1.1)

सुन्दरर (सुन्दरमूर्ति नायनार) · तमिल
मुरुगन

मुत्तैत्तरु पत्तित् तिरुनगै अत्तिक्किऱै सत्तिच् चरवण

तिरुप्पुगऴ्: मुत्तैत् तरु

अरुणगिरिनाथर · तमिल
विष्णु

उयर्वऱ उयर्नलम् उडैयवऩ् यवऩवऩ् मयर्वऱ मदिनलम् अरुळिऩऩ् यवऩवऩ्

तिरुवाय्मॊऴि 1.1.1: उयर्वऱ उयर्नलम्

नम्माळ्वार (शठकोप) · तमिल
गणेश

महागणपतिं मनसा स्मरामि वसिष्ठवामदेवादिवन्दित

महागणपतिं मनसा स्मरामि

मुत्तुस्वामी दीक्षितर · संस्कृत
विष्णु

ब्रह्मकडिगिन पादमु ब्रह्ममु दानॆ नी पादमु

ब्रह्म कडिगिन पादमु

ताळ्ळपाक अन्नमाचार्य · तेलुगु
विष्णु

दासन माडिकॊ ऎन्न स्वामि सासिर नामद वॆंकटरमण

दासन माडिको एन्न

पुरन्दर दास · कन्नड़
विष्णु

नी मायॆयॊळगो निन्नॊळु मायॆयो नी देहदॊळगो निन्नॊळु देहवो हरिये

नी मायॆयॊळगो

कनक दास · कन्नड़
श्रीकृष्ण

गुरुनाथन् तुणचॆय्क सन्ततं तिरुनामङ्ङळ् नाविन्मेलॆप्पोऴुं

ज्ञानप्पाना (चयन)

पून्तानम् नम्बूदिरि · मलयालम
श्रीराम

श्रीराम! राम! राम! श्रीरामचन्द्र! जय श्रीराम! राम! राम! श्रीरामभद्र! जय

श्रीराम राम राम: अध्यात्म रामायणम् किळिप्पाट्टु का आरंभ

तुंचत्तु रामानुजन् एऴुत्तच्छन् · मलयालम
श्रीकृष्ण

श्रितकमलाकुचमण्डल धृतकुण्डल । कलितललितवनमाल जय जय देव हरे ॥१॥

श्रितकमलाकुचमण्डल (गीतगोविन्द अष्टपदी 2)

जयदेव गोस्वामी · संस्कृत
श्रीराम

बंटु रीति कॊलुवु ईयवय्य रामा तुंट विंटि वानि मॊदलैन मदा

बंटु रीति कॊलुवु

सद्गुरु त्यागराज · तेलुगु
श्रीकृष्ण

गोवर्धनगिरीशं स्मराम्यनिशम् गोपिकादिमनोहरं गर्वितकंसादिहरम्

गोवर्धनगिरीशं

मुत्तुस्वामी दीक्षितर · संस्कृत
देवी

हिमाद्रिसुते पाहि मां वरदे परदेवते

हिमाद्रिसुते पाहि माम्

श्यामा शास्त्री · संस्कृत
श्रीराम

रामचन्द्राय जनकराजजामनोहराय मामकाभीष्टदाय महितमङ्गलम्

रामचन्द्राय जनकराजजा (मंगलम्)

भद्राचल रामदास (कंचर्ल गोपन्ना) · संस्कृत
श्रीकृष्ण

कृष्णं कलय सखि सुन्दरं बालं कृष्णं गतविषयतृष्णं जगत्प्रभविष्णुं

कृष्णं कलय सखि

नारायण तीर्थ · संस्कृत