જાગને જાદવા કૃષ્ણ ગોવાળિયા
તુજ વિના ધેનમાં કોણ જાશે ?
ત્રણસેં ને સાઠ ગોવાળ ટોળે વળ્યા
વડો રે ગોવાળિયો કોણ થાશે ?
દહીંતણા દહીંથરા ઘી તણાં ઘેબરાં
કઢિયેલ દૂધ તે કોણ પીશે ?
હરિ તાર્યો હાથિયો, કાળી નાગ નાથિયો
ભૂમિનો ભાર તે કોણ સહાશે ?
જમુનાજીના તીરે ગૌધણ ચારતા
મધુરીશી મોરલી કોણ વા'શે ?
ભણે મહેતો નરસૈંયો તારા ગુણ ગાઇ રીઝવે
બૂડતાં બાંવડી કોણ સહાશે ?
जागने जादवा कृष्ण गोवाळिया
तुज विना धेनमां कोण जाशे ?
त्रणसें ने साठ गोवाळ टोळे वळ्या
वडो रे गोवाळियो कोण थाशे ?
दहींतणा दहींथरा घी तणां घेबरां
कढियेल दूध ते कोण पीशे ?
हरि तार्यो हाथियो, काळी नाग नाथियो
भूमिनो भार ते कोण सहाशे ?
जमुनाजीना तीरे गौधण चारता
मधुरीशी मोरली कोण वा'शे ?
भणे महेतो नरसैंयो तारा गुण गाइ रीझवे
बूडतां बांवडी कोण सहाशे ?
Jagne Jadava Krishna govaliya,
tuj vina dhen man kon jashe?
Trananse ne sath goval tole valya,
vado re govaliyo kon thashe?
Dahintana dahinthara ghi tanan ghebaran,
kadhiyel dudh te kon pishe?
Hari taryo hathiyo, Kali nag nathiyo,
bhumino bhar te kon sahashe?
Jamunajina tire gaudhan charta,
madhurishi moralii kon va'she?
Bhane Maheto Narsainyo tara gun gai rijhave,
budtan banvadi kon sahashe?
अर्थ
हे यादव, हे ग्वाले कृष्ण, जागो! तुम्हारे बिना गायों के साथ कौन जाएगा? तीन सौ साठ ग्वाल-बाल इकट्ठे हो गए हैं; उनका बड़ा ग्वाला कौन बनेगा?
दही के पकवान, घी के घेवर कौन खाएगा, औटाया हुआ दूध कौन पीएगा? हे हरि, तुमने गजराज को उबारा, कालिया नाग को नाथा; धरती का भार कौन सहेगा?
यमुना जी के तट पर गायें चराते हुए मधुर मुरली कौन बजाएगा? मेहता नरसिंह तुम्हारे गुण गाकर तुम्हें रिझाते हैं: डूबते का हाथ कौन थामेगा?
इस भजन के बारे में
यह भगवान को जगाने का गीत है, सुबह की भूपाली और प्रभाती की परंपरा में। ग्वाल-बाल द्वार पर प्रतीक्षा कर रहे हैं, दही-घी के पकवान तैयार हैं, गायें बाहर ले जानी हैं; और इन घरेलू बातों के बीच नरसिंह कृष्ण के बड़े काम रख देते हैं, गजेंद्र का उद्धार, कालिया का दमन, और अंत में अपनी ज़रूरत: डूबते का हाथ और कौन थामेगा? गुजराती घरों और वैष्णव हवेलियों में मंगला दर्शन से पहले यह गाया जाता है।
Narsinh Mehta, prabhatiyu; text as on Gujarati Wikisource
