ದಾಸನ ಮಾಡಿಕೊ ಎನ್ನ ಸ್ವಾಮಿ
ಸಾಸಿರ ನಾಮದ ವೆಂಕಟರಮಣ

ದುರುಬುದ್ಧಿಗಳನೆಲ್ಲ ಬಿಡಿಸೊ ನಿನ್ನ
ಕರುಣಕವಚವೆನ್ನ ಹರಣಕ್ಕೆ ತೊಡಿಸೊ
ಚರಣಸೇವೆ ಎನಗೆ ಕೊಡಿಸೊ ಅಭಯ
ಕರಪುಷ್ಪವೆನ್ನ ಶಿರದಲ್ಲಿ ಮುಡಿಸೊ

ದೃಢಭಕ್ತಿ ನಿನ್ನಲ್ಲಿ ಬೇಡಿ ನಾ
ಅಡಿಗೆರಗುವೆನಯ್ಯ ಅನುದಿನ ಪಾಡಿ
ಕಡೆಗಣ್ಣಿಲೇಕೆನ್ನ ನೋಡಿ ಬಿಡುವೆ
ಕೊಡು ನಿನ್ನ ಧ್ಯಾನವ ಮನಶುಚಿ ಮಾಡಿ

ಮೊರೆಹೊಕ್ಕವರ ಕಾಯ್ವ ಬಿರುದು ಎನ್ನ
ಮರೆಯದೆ ರಕ್ಷಣೆ ಮಾಡಯ್ಯ ಪೊರೆದು
ದುರಿತಗಳೆಲ್ಲವ ತರಿದು ಸಿರಿ
ಪುರಂದರವಿಠ್ಠಲ ಎನ್ನನು ಪೊರೆದು

अर्थ

पल्लवी: मुझे अपना दास बना लो, स्वामी, सहस्र नामों वाले वेंकटरमण।

1. मेरी सारी दुर्बुद्धि छुड़ा दो; अपनी करुणा का कवच मेरे प्राणों को पहना दो। मुझे अपने चरणों की सेवा दो; अपने अभय देने वाले हाथ का पुष्प मेरे सिर पर रख दो।

2. तुमसे दृढ़ भक्ति माँगता हुआ मैं नित्य गाकर तुम्हारे चरणों में झुकता हूँ, प्रभु। मुझे केवल आँख के कोने से देखकर क्यों छोड़ देते हो? अपना ध्यान दो, मेरे मन को शुद्ध करके।

3. शरणागत की रक्षा करना तुम्हारी उपाधि है; मुझे भूले बिना मेरी रक्षा करो, मुझे पालो। मेरे सारे पाप काट दो, और मुझे सँभालो, श्री पुरंदर विट्ठल।

इस भजन के बारे में

पुरंदरदास एक धनी साहूकार थे, फिर सब कुछ दान करके तंबूरा लेकर निकल पड़े। यह गीत उसी नए जीवन की प्रार्थना है। वे धन नहीं माँगते, धन वे देख चुके थे; वे सात पहाड़ियों वाले वेंकटरमण का दास बनना माँगते हैं। तीनों चरण शुद्धि से भक्ति तक और भक्ति से शरण तक चढ़ते हैं, और अंतिम चरण प्रभु के अपने बिरुद, उनकी प्रतिज्ञा, को पुकारता है कि वे शरण में आए हर जन के रक्षक हैं। एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी की रिकॉर्डिंग ने इसे कर्नाटक से बहुत दूर तक पहुँचाया।

Kannada Wikisource, ‘ದಾಸನ ಮಾಡಿಕೊ ಎನ್ನ’ (Purandara Dasa); checked against karnatik.com c4728; charana 2 line 3 follows karnatik’s reading ‘kaḍegaṇṇilēkenna’