शिल्पसूती वस्त्र
पुरानी दुनिया की सबसे पुरानी कपास, मेहरगढ़ से
भारत के लोग कपास उगा, कात और बुन रहे थे, जब दुनिया के अधिकांश भाग ने इसे देखा भी नहीं था। इतिहास के अधिकांश समय में मोटे सूती कपड़े से लेकर ढाका की उस मलमल तक, जिसे “बुनी हुई हवा” कहा गया, भारतीय वस्त्र आधे व्यापारिक संसार को पहनाते रहे।
दुनिया तक कैसे पहुँचा: दो हज़ार वर्षों तक भारतीय सूती वस्त्र गुजरात और लाल सागर के बंदरगाहों से पश्चिम में रोम तक, और पूर्व में दक्षिण-पूर्व एशिया तक गए। अंग्रेज़ी शब्द “कॉटन” स्वयं अरबी “क़ुत्न” से है, जिसे व्यापारी बोलते थे।
आज: भारत दुनिया के दो सबसे बड़े कपास उत्पादकों में से एक है।















































































































