01कांगला और इतिहास-ग्रन्थ
इम्फाल नदी के तट पर कांगला अपने अधिकांश इतिहास में राजाओं का स्थान और मणिपुर का राज्याभिषेक स्थल रहा। राजकीय लिपिकों द्वारा रखा चैथारोल कुम्बाबा हर राजा का राज्यकाल और हर वर्ष की घटनाएँ, बाढ़, युद्ध और मन्दिरों का निर्माण, दर्ज करता है। पन्द्रहवीं शताब्दी के अन्त में कियाम्बा ने पोंग के शान राजा के साथ मिलकर क्यांग घाटी ली; सत्रहवीं के आरम्भ में खागेम्बा ने चीनियों और कछार के धावों को लौटाया।
02गरीब निवाज़ और भाग्यचन्द्र
पामहैबा, जिन्होंने गरीब निवाज़ नाम लिया, 1709 से 1748 तक राजा रहे। उन्होंने वैष्णव आचार्यों से दीक्षा ली, वैष्णव भक्ति को दरबार का धर्म बनाया और बर्मा में भीतर तक धावे किए। उनके पौत्र भाग्यचन्द्र, जिन्हें चिंग-थांग खोम्बा भी कहते हैं, बर्मी आक्रमण में गद्दी खो बैठे और अहोम सहायता से उसे फिर पाया। उन्होंने श्री गोविन्दजी की प्रतिमा बनवाकर प्रतिष्ठित की, और मणिपुरी रासलीला का स्वरूप स्थिर किया, जो पहली बार 1779 में नाची गई। शरद की पूर्णिमाओं पर इम्फाल के गोविन्दजी मन्दिर में रासलीला आज भी होती है।

03विनाश और विलय
1819 से 1826 तक बर्मी सेनाएँ घाटी पर काबिज़ रहीं; मणिपुरी इन वर्षों को सात वर्ष का विनाश कहकर याद करते हैं, जब बहुत-सी प्रजा भाग गई या बन्दी बनाकर ले जाई गई। गम्भीर सिंह ने सेना जुटाई और 1825–26 में बर्मियों को निकाल बाहर किया। 1891 में महल के संघर्ष से आंग्ल-मणिपुर युद्ध हुआ; कांगला गिरा, और युवराज टिकेन्द्रजीत और सेनापति थांगल को इम्फाल में फाँसी दी गई। अंग्रेज़ों ने बालक चूड़ाचाँद को गद्दी पर बिठाया। बोधचन्द्र सिंह ने 1949 में मणिपुर के भारत में विलय पर हस्ताक्षर किए।
शासक
- 1नोंगदा लाइरेन पाखंगबाराजकीय इतिहास के पहले राजा33 CE (traditional)
- 2कियाम्बाक्यांग घाटी ली1467–1508
- 3खागेम्बा1597–1652
- 4चराइरोंगबा1697–1709
- 5गरीब निवाज़ (पामहैबा)वैष्णव भक्ति को दरबार का धर्म बनाया1709–1748
- 6भाग्यचन्द्र (चिंग-थांग खोम्बा)श्री गोविन्दजी; रासलीला1759–1798 (with a break)
- 7गम्भीर सिंहबर्मियों को निकाला1825–1834
- 8चन्द्रकीर्ति1850–1886
- 9कुलचन्द्र1891 के युद्ध के बाद पदच्युत1890–1891
- 10चूड़ाचाँद सिंह1891–1941
- 11बोधचन्द्र सिंहभारत में विलय पर हस्ताक्षर किए1941–1949
उनकी विरासत
- मणिपुरी रासलीला
- श्री गोविन्दजी मन्दिर, इम्फाल
- कांगला दुर्ग और राज्याभिषेक स्थल
- चैथारोल कुम्बाबा, राजकीय इतिहास
