चित्र: Muhammad Bin Naveed · CC BY-SA 3.0
उत्खनन · लगभग 3300–1900 ई.पू.; 1921 से उत्खनन

हड़प्पा का उत्खनन

प्राप्ति
हड़प्पा, साहीवाल ज़िला, पंजाब (पाकिस्तान), रावी की पुरानी धारा पर; 1921 में दयाराम साहनी ने, फिर माधोस्वरूप वत्स और मॉर्टिमर व्हीलर ने उत्खनन किया
अब कहाँ
अपने स्थान पर, हड़प्पा में स्थल-संग्रहालय के साथ

इस सभ्यता का पहला खोदा गया नगर, जिसके नाम पर पूरी संस्कृति का नाम पड़ा।

यह क्या कहता है

चार्ल्स मैसन ने 1820 के दशक में ये टीले देखे, और अलेक्ज़ेंडर कनिंघम ने यहाँ आकर 1875 में यहाँ की एक मुहर प्रकाशित की। तब तक रेल ठेकेदार लाहौर–मुल्तान लाइन के लिए टीलों की ईंटें ढो ले गए थे। 1921 में साहनी की खाइयों में वैसी ही मुहरें मिलीं जैसी बनर्जी मोहनजोदड़ो में पा रहे थे, और 1924 में मार्शल ने एक नई सभ्यता की घोषणा की। यहाँ खुदाई इस सदी तक चलती रही है।

यह क्या सिद्ध करता है

इसी से भारत के सबसे पुराने नगरों की आधुनिक खोज शुरू हुई।

इनका प्रमाण