








तीर्थ
भारत के महान तीर्थ
चार धाम, बारह ज्योतिर्लिंग, सप्त पुरी, शक्तिपीठ और दक्षिण के महान मंदिर: हर एक की पावन कथा, विध्वंस और पुनर्निर्माण का इतिहास, और वह मार्ग जिससे यात्री वहाँ पहुँचते हैं।
56 तीर्थ
पावन भूगोल
हिमालय में केदारनाथ से दक्षिणी सागर पर कन्याकुमारी तक।
मानचित्र पर
चार धाम
उत्तराखण्ड (चमोली)बद्रीनाथजहाँ हिम से अलकनन्दा उतरती है, वहाँ तप में बैठे नारायण
गुजरात (देवभूमि द्वारका)द्वारकाधीश मन्दिर, द्वारकापश्चिमी सागर पर कृष्ण की नगरी, जिस पर आज भी उनकी ध्वजा
ओडिशाश्री जगन्नाथ मन्दिर, पुरीजगत के नाथ जो स्वयं भक्तों के बीच निकल आते हैं
तमिलनाडुरामनाथस्वामी मंदिर, रामेश्वरमजहाँ लंका जाने से पहले श्रीराम ने शिव को पूजाद्वादश ज्योतिर्लिंग
गुजरात (प्रभास पाटन, गिर सोमनाथ)सोमनाथ ज्योतिर्लिंगप्रथम ज्योतिर्लिंग, अनेक बार टूटा, कभी छोड़ा नहीं गया
आंध्र प्रदेशमल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, श्रीशैलमकृष्णा के ऊपर पहाड़ पर शिव और देवी
मध्य प्रदेश (उज्जैन)महाकालेश्वर, उज्जैनअवन्तिका में दक्षिणमुखी कालों के काल
मध्य प्रदेश (खण्डवा, मान्धाता द्वीप)ओंकारेश्वरनर्मदा के ॐ-आकार द्वीप पर विराजे महादेव
महाराष्ट्रभीमाशंकर ज्योतिर्लिंगसह्याद्रि के मेघ-वन में जहाँ भीमा जन्म लेती है
उत्तर प्रदेश (वाराणसी)काशी विश्वनाथवह नगरी जिसे शिव कभी नहीं छोड़ते
महाराष्ट्रत्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंगजहाँ गोदावरी जन्म लेती है, वहाँ त्र्यम्बक
झारखण्ड (देवघर)बैद्यनाथ धाम, देवघरबाबा धाम, जहाँ रावण के हाथ से शिव उतरे
गुजरात (देवभूमि द्वारका)नागेश्वर ज्योतिर्लिंगदारुकावन में नागों के स्वामी
महाराष्ट्रघृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, वेरूळघुश्मा के ईश्वर, बारहवीं ज्योति, एलोरा के पासशक्तिपीठ
असमकामाख्या मन्दिरनीलाचल की भीगी शिला में देवी का आसन
जम्मू और कश्मीरमाता वैष्णो देवीपर्वत-गुफा के छोर पर तीन पिण्डियाँ
पश्चिम बंगालकालीघाट काली मन्दिर, कोलकाताआदि गंगा के तट पर काली की स्वर्ण जिह्वा
हिमाचल प्रदेशज्वालामुखी मन्दिरबिना तेल-बाती के जलती देवी
गुजरात (बनासकांठा ज़िला)अम्बाजी (आरासुरी अम्बा)आरासुर की माँ, यन्त्र रूप में पूजित
लसबेला ज़िला, बलूचिस्तान (हिंगोल राष्ट्रीय उद्यान)हिंगलाज माताहिंगोल किनारे मरुस्थल की गुफा में माँ
पश्चिम बंगालतारापीठबीरभूम के श्मशान के पास तारा का पीठ
कर्नाटकचामुण्डेश्वरी मंदिर, चामुण्डी पहाड़ीमहिषासुरमर्दिनी मैसूरु की रखवाली करती हैं
तमिलनाडुकन्याकुमारी भगवती अम्मन मंदिरधरती के अन्तिम छोर पर कुमारी देवीसप्त पुरी
उत्तर प्रदेशअयोध्या (साकेत)सरयू तट की नगरी, जहाँ श्रीराम जन्मे
उत्तर प्रदेश (मथुरा)श्री कृष्ण जन्मभूमि, मथुरायमुना तट की मधुपुरी, जहाँ श्रीकृष्ण जन्मे
उत्तराखण्ड (हरिद्वार)हरिद्वारगंगाद्वार, जहाँ गंगा पहाड़ छोड़ मैदान में उतरती हैं
उत्तर प्रदेश (वाराणसी)काशी के घाटजहाँ शिव मरते हुए के कान में तारक मन्त्र देते हैं
तमिलनाडुकांचीपुरम, विद्या की नगरीशिव काञ्ची और विष्णु काञ्ची, कामाक्षी के आसन के चारों ओरदिव्य देशम
आंध्र प्रदेशश्री वेंकटेश्वर मंदिर, तिरुमलासात पहाड़ियाँ, एक प्रभु, और एक ऋण जो आज भी चुकाया जा रहा है
तमिलनाडुश्री रंगनाथस्वामी मंदिर, श्रीरंगमद्वीप पर ठहरे प्रभु, जिनका मुख लंका की ओर है
केरलश्री पद्मनाभस्वामी मंदिर, तिरुवनन्तपुरमतीन द्वारों से दिखते प्रभु, जिन्हें एक राज्य सौंपा गया
मुस्ताङ, गण्डकी प्रदेशमुक्तिनाथकाली गण्डकी के ऊपर मुक्ति के विष्णुमहान तीर्थ
उत्तर प्रदेश (मथुरा)वृन्दावनयमुना तट का राधा-वन, जहाँ बाँसुरी गूँजी
बिहारविष्णुपद मन्दिर, गयाजहाँ पुत्र का पिण्ड पितरों को मुक्त करता है
राजस्थान (अजमेर ज़िला)ब्रह्मा मन्दिर, पुष्करवह सरोवर जहाँ ब्रह्मा का कमल गिरा
केरलगुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिरद्वारका के कृष्ण, जिन्हें गुरु और वायु दक्षिण लाए
केरलशबरिमला श्री धर्मशास्ता मंदिरहरि और हर के पुत्र तक अठारह सीढ़ियाँ
महाराष्ट्रविट्ठल–रुक्मिणी मंदिर, पंढरपुरभक्तों के लिए ईंट पर खड़े विट्ठल
कर्नाटकश्रीकृष्ण मठ, उडुपीमिट्टी के ढेले में मिले बालकृष्ण
कर्नाटकश्रृंगेरी शारदा पीठजहाँ नाग ने मेंढकी को छाया दी, वहाँ शंकर का पहला मठ
तमिलनाडुबृहदीश्वर मंदिर, तंजावुरराजराज का दक्षिण मेरु, 1010 में पूर्ण
जम्मू और कश्मीरअमरनाथ गुफावह गुफा जहाँ महादेव ने अमरत्व का रहस्य सुनाया
ङारी, तिब्बतकैलास और मानसरोवरमहादेव का पर्वत और ब्रह्मा के मन से जन्मा सरोवर
काठमाण्डू, बागमती प्रदेशपशुपतिनाथबागमती तट पर समस्त जीवों के स्वामी
ओडिशाकोणार्क सूर्य मन्दिरओडिशा तट पर सूर्य का पाषाण-रथ
बिहारमहाबोधि मन्दिर, बोधगयाजहाँ सिद्धार्थ बैठे और बुद्ध बनकर उठे
कर्नाटकश्रवणबेलगोलापहाड़ी पर बाहुबली वैसे ही अविचल खड़े हैं
पंजाबश्री हरमन्दिर साहिब, अमृतसरअमृत के सरोवर में हरि का घर






