15 युगों में भारत

पूरी कथा क्रम से, एक-एक युग करके, वैदिक ऋषियों से आज तक। हर युग का पृष्ठ पढ़ें और अगले पर जाएँ।

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    सत्य, त्रेता और द्वापर युग, 3102 ई.पू. तक (पारम्परिक गणना)

    वैदिक ऋषि और इतिहास

    वेद, श्रीराम और श्रीकृष्ण का युग

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    लगभग 7000–1300 ई.पू.

    सिन्धु–सरस्वती सभ्यता

    दो नदियों पर ईंटों के नगर, मेहरगढ़ से राखीगढ़ी तक

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    लगभग 1300–321 ई.पू.

    जनपद और मगध का उदय

    सोलह महाजनपद, और गंगा पर उभरता एक राज्य

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    321–185 ई.पू.

    मौर्य साम्राज्य

    कन्धार से कर्नाटक तक, पाटलिपुत्र से शासित

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    185 ई.पू. – 320 ई.

    शुंग, सातवाहन, खारवेल और संगम राज्य

    अनेक मुकुट, एक धर्म, और रोम तक जाते जहाज़

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    320–550 ई.

    गुप्त युग

    पत्थर के मन्दिर, सोने के सिक्के, कालिदास और आर्यभट

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    लगभग 550–1000 ई.

    महान राज्यों का युग

    हर्ष, चालुक्य, पल्लव, पाल, प्रतिहार, राष्ट्रकूट, कार्कोट

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    लगभग 850–1310 ई.

    चोल और दक्षिण के समुद्र

    चोल, चालुक्य, होयसल, काकतीय, पाण्ड्य: मन्दिर, बेड़े और सन्त

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    636–1206 ई.

    लम्बा प्रतिरोध: सिन्ध से तराइन तक

    पाँच सौ वर्ष, जब सीमा के राजाओं ने भारत की रक्षा की।

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    1206–1526 ई.

    सल्तनतें, विजयनगर और वे राज्य जो खड़े रहे

    दिल्ली ने मैदान जीते; मेवाड़, विजयनगर, ओडिशा और असम कभी नहीं झुके।

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    1526–1707 ई.

    मुग़ल काल और प्रतिरोध

    मेवाड़, अहोम, सिख गुरु और शिवाजी: एक इनकार जो जीत गया।

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    1707–1818 ई.

    मराठा उत्कर्ष और सिख साम्राज्य

    सह्याद्रि से अटक तक: भारत ने अपना वापस लिया।

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    1757–1858 ई.

    कम्पनी राज और 1857 का युद्ध

    एक व्यापारी कम्पनी ने भारत लिया, और भारत उसके विरुद्ध उठ खड़ा हुआ।

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    1858–1947 ई.

    पुनर्जागरण और स्वराज का संघर्ष

    संन्यासी, कवि, क्रान्तिकारी और सत्याग्रही, जिन्होंने राष्ट्र वापस जीता।

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    1947 ई.–आज

    स्वतन्त्र भारत

    विभाजन का घाव, एक गणराज्य, और फिर उठते मन्दिर।

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