यमद्वितीया

भाई दूज (यम द्वितीया)

दीपावली का अन्तिम दिन। बहनें भाइयों के माथे पर तिलक लगाती हैं और उन्हें भोजन कराती हैं, जैसे इसी दिन यमुना ने अपने भाई यम को कराया था।

मास: कार्तिक शुक्ल द्वितीयाप्रायः: अक्टूबर–नवंबर, दीपावली के दो दिन बादऋतु: शरद ऋतु
चित्र: Billjones94 · CC BY-SA 4.0
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“भाई दूज (यम द्वितीया).” Hindu History, 2026, https://www.hinduhistory.in/hi/utsav/bhai-dooj/. देखा गया .

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Hindu History. (2026). भाई दूज (यम द्वितीया). प्राप्त , स्रोत: https://www.hinduhistory.in/hi/utsav/bhai-dooj/

कैसे मनाते हैं

  1. 01

    भाई के माथे पर रोली, अक्षत या चन्दन का तिलक

  2. 02

    बहन भाई के लिए भोजन बनाकर परोसती है

  3. 03

    मथुरा के विश्राम घाट पर यमुना-स्नान

  4. 04

    भाई उपहार देकर रक्षा का वचन देते हैं

01यमुना ने यम को भोजन कराया

यम और यमुना सूर्यदेव की सन्तान हैं। यमुना बहुत समय से भाई को घर बुला रही थीं, और कार्तिक शुक्ल द्वितीया को यम आए। बहन ने उन्हें स्नान कराया, तिलक लगाया और भोजन कराया। यम ने वर दिया कि जो भाई इस दिन बहन के घर भोजन करे और जो यमुना में स्नान करे, उसे अकाल मृत्यु का भय न होगा। इसीलिए इसे यम द्वितीया कहते हैं, और मथुरा में भाई-बहन साथ मिलकर विश्राम घाट पर स्नान करते हैं।

02तिलक, फोंटा और टीका

बंगाल में बहन भाई के माथे पर चन्दन का फोंटा लगाती है और एक छन्द बोलती है जो यम के द्वार पर काँटा बिछा देता है। नेपाल में तिहार के पाँचवें दिन बहन सतरंगा टीका लगाती है, मखमली फूलों की माला पहनाती है जो जल्दी नहीं मुरझाते, और तेल की धार से भाई की परिक्रमा करती है। भाई उपहार देते हैं और रक्षा का वचन, वही बन्धन जो श्रावण में रक्षाबन्धन निभाता है।

कहाँ

उत्तर भारत में भाई दूज, बंगाल में भाई फोंटा, महाराष्ट्र और गोवा में भाऊबीज, नेपाल में भाई टीका

इसी मास में