चित्र-कथा
रानी लक्ष्मीबाईझाँसी की रानी
मार्च–अप्रैल 1858 में उन्होंने सर ह्यू रोज़ से झाँसी की रक्षा की, घेरा तोड़कर निकलीं और 18 जून 1858 को ग्वालियर के पास कोटा की सराय में लड़ते हुए वीरगति पाई।
19 नवंबर 1828 – 18 जून 1858
इन तथ्यों के स्रोत
- Vishnubhat Godse, Majha Pravas (1907)
- Sir Hugh Rose’s despatches on the Central India campaign (1858)
- S. N. Sen, Eighteen Fifty-Seven (1957)
वीरभोग्या वसुन्धरा
चित्र इस साइट के लिए बनाए गए हैं; चेहरे, वस्त्र और दृश्य चित्रण हैं, प्रतिमा नहीं। हर शीर्षक नायक के पृष्ठ का एक तथ्य है।