चित्र-कथा
बाबू वीर कुँवर सिंहजगदीशपुर के अस्सी वर्षीय सिंह
लगभग अस्सी वर्ष की आयु में उन्होंने 1857 में शाहाबाद के विद्रोह का नेतृत्व किया और 23 अप्रैल 1858 को जगदीशपुर में अंग्रेज़ी टुकड़ी को हराया; तीन दिन बाद घावों से उनका देहांत हुआ।
13 नवंबर 1777 – 26 अप्रैल 1858
इन तथ्यों के स्रोत
- K. K. Datta, Biography of Kunwar Singh and Amar Singh (1957)
- S. N. Sen, Eighteen Fifty-Seven (1957)
वीरभोग्या वसुन्धरा
चित्र इस साइट के लिए बनाए गए हैं; चेहरे, वस्त्र और दृश्य चित्रण हैं, प्रतिमा नहीं। हर शीर्षक नायक के पृष्ठ का एक तथ्य है।