चित्र-कथा

मंगल पांडे1857 की पहली गोली

29 मार्च 1857 को बैरकपुर में 34वीं बंगाल नेटिव इन्फ़ैंट्री के इस सिपाही ने अपने अंग्रेज़ अफ़सरों पर हमला किया और 8 अप्रैल को फाँसी पर चढ़ाए गए।

19 जुलाई 1827 – 8 अप्रैल 1857

पूरा जीवन
1रेजिमेंट: 34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री, पाँचवीं कंपनी।मंगल पाण्डेय · सिपाही
2बैरकपुर में हमला: 29 मार्च 1857।मंगल पाण्डेय · अंग्रेज़
38 अप्रैल 1857 को बैरकपुर में फाँसी।मंगल पाण्डेय
4इसके बाद 10 मई 1857 को मेरठ में विद्रोह हुआ।सिपाही · अंग्रेज़
5जन्म नगवा, बलिया ज़िला, उत्तर प्रदेश में।

इन तथ्यों के स्रोत

  • G. W. Forrest (ed.), Selections from the Letters, Despatches and other State Papers … 1857–58, Vol. I (1893)
  • S. N. Sen, Eighteen Fifty-Seven (1957)

वीरभोग्या वसुन्धरा

चित्र इस साइट के लिए बनाए गए हैं; चेहरे, वस्त्र और दृश्य चित्रण हैं, प्रतिमा नहीं। हर शीर्षक नायक के पृष्ठ का एक तथ्य है।