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“राजमाता जिजाबाई.” Hindu History, 2026, https://www.hinduhistory.in/hi/people/jijabai/. देखा गया .
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Hindu History. (2026). राजमाता जिजाबाई. प्राप्त , स्रोत: https://www.hinduhistory.in/hi/people/jijabai/
जीवन के क्षण
- 011598 ई.
1598 में विदर्भ के सिंदखेड राजा में जन्म
- 02
लखुजी जाधव की पुत्री, शाहाजी भोसले की पत्नी
- 031630 ई.
1630 में शिवनेरी दुर्ग में शिवाजी को जन्म दिया
- 041674 ई.
6 जून 1674 को रायगढ़ पर शिवाजी का राज्याभिषेक देखा
- 051674 ई.
1674 में रायगढ़ के नीचे पाचाड में देहांत, वहीं समाधि है
01सिंदखेड से शिवनेरी
जिजाऊ का जन्म विदर्भ के सिंदखेड राजा में जाधव देशमुखों के घर हुआ, जो अहमदनगर के निज़ामशाही सुल्तानों की सेवा में थे। छोटी आयु में उनका विवाह शाहाजी भोसले से हुआ, जो पहले अहमदनगर और फिर बीजापुर की सेवा में दक्षिण में ही रहे। 1630 में शिवनेरी के पहाड़ी दुर्ग में पुत्र शिवाजी का जन्म हुआ। शाहाजी कर्नाटक में थे, इसलिए घर जिजाबाई ने ही सँभाला और वृद्ध दादोजी कोंडदेव के साथ उजड़ी हुई पुणे जागीर को फिर बसाया, जहाँ सुल्तान के सैनिकों की उजाड़ी धरती पर फिर से हल चलवाया गया।
02स्वराज्य के पीछे की माता
मराठी बखरें बताती हैं कि वे बालक को राम और पांडवों की कथाएँ सुनातीं और सिखातीं कि यह धरती और इसके मंदिर किसी सुल्तान की जागीर नहीं हैं। शिवाजी के बचपन में वे स्वयं पुणे में गाँवों के झगड़ों का न्याय करती थीं, और अभियानों के वर्षों में राजगढ़ से राजकाज चलाती थीं। 1666 में जब शिवाजी आगरा में बंदी थे, तब राज्य उन्हीं के हाथ में था। 6 जून 1674 को उन्होंने रायगढ़ पर पुत्र का छत्रपति के रूप में अभिषेक देखा। 17 जून को किले की तलहटी में पाचाड में उनका देहांत हुआ, जहाँ उनकी समाधि आज भी है।




