चित्र-कथा

केलदी चेन्नम्माराजाराम को शरण देने वाली रानी

1689 में उन्होंने जिंजी जाते हुए छत्रपति राजाराम को शरण दी और उनके पीछे भेजी गई औरंगज़ेब की सेना को रोके रखा।

शासन 1671–1696 ई.

पूरा जीवन
1उनकी राजधानी बिदनूर (नगर) थी, आज के शिवमोग्गा ज़िले में।केलदी चेन्नम्मा · प्रजा
21689 में जिंजी जाते छत्रपति राजाराम को उन्होंने शरण दी।केलदी चेन्नम्मा · छत्रपति राजाराम
3उन्होंने बसवप्प नायक को उत्तराधिकारी के रूप में गोद लिया।केलदी चेन्नम्मा · बसवप्पा नायक
4उनका शासन लिंगण्ण कवि के ‘केलदिनृपविजयम्’ में वर्णित है।राजकवि · केलदी चेन्नम्मा
5उन्होंने 1671 से 1696 में अपने देहान्त तक राज किया।केलदी चेन्नम्मा · प्रजा

इन तथ्यों के स्रोत

  • Keladinripavijayam (Linganna Kavi)
  • Maasir-i-Alamgiri (Saqi Mustaid Khan, 1710)

वीरभोग्या वसुन्धरा

चित्र इस साइट के लिए बनाए गए हैं; चेहरे, वस्त्र और दृश्य चित्रण हैं, प्रतिमा नहीं। हर शीर्षक नायक के पृष्ठ का एक तथ्य है।