चित्र-कथा
दुर्गादास राठौड़मारवाड़ के रक्षक
जुलाई 1679 में वे शिशु अजीत सिंह को लेकर तलवार के बल पर दिल्ली से निकल आए, मारवाड़ के उत्तराधिकारी को औरंगज़ेब से बचाया और लगभग तीस वर्ष लड़ते रहे, जब तक अजीत सिंह जोधपुर की गद्दी पर नहीं बैठे।
1638–1718 ई.
इन तथ्यों के स्रोत
- Maasir-i-Alamgiri (Saqi Mustaid Khan, 1710)
- Jodhpur Rajya ki Khyat
- Muntakhab-ul-Lubab (Khafi Khan)
वीरभोग्या वसुन्धरा
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