चित्र-कथा

पृथ्वीराज चौहानदिल्ली के राय पिथौरा

1191 में थानेसर के पास तराइन में उन्होंने मुहम्मद ग़ोरी को हराकर उसकी सेना को रणभूमि से खदेड़ दिया; अगले वर्ष उसी भूमि पर वे पराजित हुए।

लगभग 1166–1192 ई.; शासन 1178–1192

पूरा जीवन
1सोमेश्वर और कर्पूरदेवी के पुत्र।सोमेश्वर · कर्पूरदेवी
2राजधानी: अजमेर; दिल्ली का किला राय पिथौरा उनके नाम पर है।पृथ्वीराज चौहान · प्रजा
31191 में तराइन का पहला युद्ध जीता।पृथ्वीराज चौहान · सल्तनत
41192 में तराइन के दूसरे युद्ध के बाद हारे और मारे गए।पृथ्वीराज चौहान · सल्तनत
5जयानक के पृथ्वीराज विजय में उनका जीवन वर्णित है।राजकवि · पृथ्वीराज चौहान
6उनके पुत्र गोविन्दराज ने बाद में रणथम्भौर से राज किया।प्रजा

इन तथ्यों के स्रोत

  • Jayanaka, Prithviraja Vijaya
  • Minhaj-us-Siraj, Tabaqat-i-Nasiri
  • Hasan Nizami, Taj-ul-Maasir
  • Madanpur inscriptions (1182 CE)

वीरभोग्या वसुन्धरा

चित्र इस साइट के लिए बनाए गए हैं; चेहरे, वस्त्र और दृश्य चित्रण हैं, प्रतिमा नहीं। हर शीर्षक नायक के पृष्ठ का एक तथ्य है।