चित्र-कथा
गुरु गोबिंद सिंहदशम गुरु, ख़ालसा के पिता
दिसंबर 1704 में चमकौर की कच्ची गढ़ी में वे मुट्ठी भर सिखों के साथ मुग़ल सेना के सामने डटे; उनके दोनों बड़े साहिबज़ादे अजीत सिंह और जुझार सिंह वहीं शहीद हुए।
1666–1708 ई.
इन तथ्यों के स्रोत
- Bachittar Natak (Dasam Granth)
- Zafarnama of Guru Gobind Singh
- Sri Gur Sobha of Sainapati (c. 1711)
वीरभोग्या वसुन्धरा
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