चित्र-कथा

यशोधर्मनमिहिरकुल का मानमर्दक

लगभग 528 ई. में दशपुर के इस राजा ने हूण मिहिरकुल को हराया; मंदसौर के पास सोंदनी के उनके विजय स्तंभ कहते हैं कि मिहिरकुल ने उनके चरणों में सिर झुकाया।

लगभग 515–545 ई.; मन्दसौर अभिलेख 532 ई.

पूरा जीवन
1दशपुर, आज के मन्दसौर (मध्य प्रदेश) से शासन।यशोधर्मन् · प्रजा
2हूण राजा मिहिरकुल को हराया (सोंधनी स्तम्भ अभिलेख)।यशोधर्मन् · हूण
3मन्दसौर अभिलेख मालव संवत 589 (532 ई.) का।यशोधर्मन्
4सोंधनी में दो विजय-स्तम्भ गिरी हुई अवस्था में बचे हैं।यशोधर्मन्
5पहले के औलिकर राजा प्रकाशधर्म ने 515 ई. में हूण तोरमाण पर विजय दर्ज की (रिस्थल अभिलेख)।यशोधर्मन्

इन तथ्यों के स्रोत

  • Sondani (Mandsaur) pillar inscriptions of Yashodharman
  • Mandsaur stone inscription of Yashodharman-Vishnuvardhana (Malava 589)
  • Corpus Inscriptionum Indicarum III (Fleet)
  • Xuanzang, Si-yu-ki

वीरभोग्या वसुन्धरा

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