चित्र-कथा

हरि सिंह नलवाख़ैबर के प्रहरी

पेशावर और ख़ैबर के मुहाने को थामने वाले इस सिख सेनापति ने 30 अप्रैल 1837 को अफ़गान सेना से जमरूद की रक्षा करते हुए प्राण दिए, और दुर्ग नहीं गिरा।

1791–1837 ई.

पूरा जीवन
11791 में गुजरांवाला में जन्म।
21820–21 में कश्मीर के सूबेदार; उनका रुपया ‘हरि सिंही’ कहलाया।हरि सिंह नलवा
3हज़ारा में हरिपुर बसाया।हरि सिंह नलवा · प्रजा
41834 में पेशावर लिया और 1836 में जमरूद किला बनवाया।हरि सिंह नलवा
530 अप्रैल 1837 को जमरूद में वीरगति।हरि सिंह नलवा

इन तथ्यों के स्रोत

  • Umdat-ut-Tawarikh (Sohan Lal Suri)
  • Vanit Nalwa, Hari Singh Nalwa: Champion of the Khalsaji (2009)

वीरभोग्या वसुन्धरा

चित्र इस साइट के लिए बनाए गए हैं; चेहरे, वस्त्र और दृश्य चित्रण हैं, प्रतिमा नहीं। हर शीर्षक नायक के पृष्ठ का एक तथ्य है।