चित्र: Rājendra Chola (r. 1012-1042 AD) · CC BY 4.0
शिलालेख · लगभग 1018 ई. (राजेन्द्र प्रथम का छठा वर्ष)

राजेन्द्र चोल के तिरुवालंगाडु ताम्रपत्र

प्राप्ति
तिरुवालंगाडु, तिरुवल्लूर ज़िला, तमिलनाडु; बीसवीं शताब्दी के आरम्भ में मिले
अब कहाँ
सरकारी संग्रहालय, चेन्नै

सबसे बड़ा चोल ताम्र-शासन: संस्कृत में वंशावली और तिरुवालंगाडु के शिव मन्दिर को तमिल में दान।

यह क्या कहता है

संस्कृत भाग चोलों को सूर्यवंश से जोड़ता है और राजेन्द्र की विजयें गिनाता है: लंका, चालुक्य, और गंगा तक का अभियान, जहाँ उसके सेनापति ने बंगाल के महीपाल को हराया और गंगाजल दक्षिण लाकर चोल भूमि को पवित्र किया गया।

यह क्या सिद्ध करता है

यह राजेन्द्र के गंगा-अभियान का मुख्य अभिलेख है, वही घटना जिससे उसे ‘गंगैकोण्ड’ उपाधि मिली।

इनका प्रमाण