चित्र: Bhajish Bharathan · CC BY-SA 4.0
शिलालेख · लगभग ई.पू. तीसरी शताब्दी

धौली और जौगड़ के कलिंग अभिलेख

प्राप्ति
भुवनेश्वर के पास धौली पहाड़ी और ओडिशा के गंजाम ज़िले में जौगड़
अब कहाँ
चट्टानों पर अपने स्थान पर, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में

विजित कलिंग में अशोक ने युद्ध पर शोक प्रकट करने वाला तेरहवाँ शिलालेख नहीं खुदवाया, बल्कि वहाँ के अधिकारियों के नाम दो अलग आदेश उत्कीर्ण करवाए।

यह क्या कहता है

पहला अलग आदेश आरम्भ होता है: “सब मनुष्य मेरी संतान हैं।” यह तोसली और समापा के महामात्रों को अन्यायपूर्ण कारावास और यातना से रोकता है और हर पाँच वर्ष में निरीक्षण का आदेश देता है। धौली में लेख के ऊपर चट्टान से एक हाथी तराशा गया है।

यह क्या सिद्ध करता है

ये कलिंग पर अशोक के शासन को उसी की धरती पर प्रमाणित करते हैं और उसकी प्रांतीय राजधानी तोसली का नाम देते हैं।

इनका प्रमाण