यह क्या कहता है
तालगुंद के ब्राह्मण मयूरशर्मन अपने गुरु के साथ पल्लवों की घटिका में पढ़ने कांची गए। वहाँ एक पल्लव अश्वारोही से झगड़े में अपमानित होकर उन्होंने कुशा रख दी, तलवार उठाई और राज्य जीत लिया। आगे काकुस्थवर्मन द्वारा यहाँ मन्दिर के महादेव के लिए तालाब बनवाने का उल्लेख है।
यह कर्नाटक के पहले राज्य कदम्बों का स्थापना-अभिलेख है और कांची को वैदिक विद्या का केन्द्र दिखाता है।










