चित्र: F Kielhorn (died 1908) · Public domain
शिलालेख · लगभग 455–470 ई.

तालगुंद स्तम्भ अभिलेख

प्राप्ति
तालगुंद, शिवमोग्गा ज़िला, कर्नाटक में खंडित प्रणवेश्वर मन्दिर के सामने
अब कहाँ
अपने स्थान पर

पत्थर के स्तम्भ पर संस्कृत काव्य, जो बताता है कि कदम्ब वंश कैसे आरम्भ हुआ; शान्तिवर्मन के समय कवि कुब्ज ने रचा।

यह क्या कहता है

तालगुंद के ब्राह्मण मयूरशर्मन अपने गुरु के साथ पल्लवों की घटिका में पढ़ने कांची गए। वहाँ एक पल्लव अश्वारोही से झगड़े में अपमानित होकर उन्होंने कुशा रख दी, तलवार उठाई और राज्य जीत लिया। आगे काकुस्थवर्मन द्वारा यहाँ मन्दिर के महादेव के लिए तालाब बनवाने का उल्लेख है।

यह क्या सिद्ध करता है

यह कर्नाटक के पहले राज्य कदम्बों का स्थापना-अभिलेख है और कांची को वैदिक विद्या का केन्द्र दिखाता है।

इनका प्रमाण