यह क्या कहता है
2018 की खाइयों में पायों वाले लकड़ी के ताबूत मिले जिन पर ताँबे की सजावट थी, साथ में ऐंटीना-मूठ वाली ताँबे की तलवारें, कटार, ढालें, ताँबे का शिरस्त्राण, मनके और मिट्टी के बर्तन। क़ब्रों में तीन दो-पहिया वाहन थे, जिनके ठोस पहिए ताँबे के त्रिकोणों से मढ़े थे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इन्हें रथ कहता है; कुछ पुरातत्वविद इन्हें ‘गाड़ी’ कहना ठीक मानते हैं, क्योंकि पहिए ठोस हैं, आरों वाले नहीं। 2005–06 में पास की खुदाई में 116 शवाधान पहले ही मिल चुके थे।
यह लगभग 2000 ई.पू. में गंगा–यमुना दोआब में पहिएदार युद्ध-वाहन, तलवारें और कवच रखता है, उस भूमि में जिसे महाभारत कुरु-देश के रूप में जानता है।










