चित्र: This Photo was taken by Supanut Arunoprayote. Feel free to · CC BY 4.0
शिलालेख · 1052 ई. (शक 974)

स्दोक काक थोम अभिलेख

प्राप्ति
प्रासात स्दोक काक थोम मन्दिर, सा काएओ प्रांत, थाईलैंड
अब कहाँ
बैंकॉक राष्ट्रीय संग्रहालय

संस्कृत और ख़्मेर का लम्बा शिलास्तम्भ, जिसमें ख़्मेर राजाओं के देवराज की सेवा करने वाले एक पुरोहित-कुल के 250 वर्षों का लेखा है।

यह क्या कहता है

802 में जयवर्मन द्वितीय ने ब्राह्मण हिरण्यदाम से महेन्द्रपर्वत (नोम कुलेन) पर अनुष्ठान करवाया ताकि कम्बुज जावा पर निर्भर न रहे, और देवराज की स्थापना हुई। हिरण्यदाम ने चार तन्त्रों के विधान पुरोहित शिवकैवल्य को सिखाए, जिनके वंशज इस पद पर रहे।

यह क्या सिद्ध करता है

यह अंगकोर राज्य की स्थापना और उसकी शैव राजकीय उपासना का मुख्य स्रोत है।

इनका प्रमाण