यह क्या कहता है
अभिलेख कहता है कि ताजिकों (अरबों) ने तलवार से सैन्धव, कच्छेल्ल, सौराष्ट्र, चावोटक, मौर्य और गुर्जर राजाओं को तोड़ दिया था और दक्षिणापथ में घुसने की इच्छा से नवसारी प्रदेश लेने आए। पुलकेशी ने युद्ध में उन्हें हराया। उसके अधिपति चालुक्य राजा विक्रमादित्य द्वितीय ने उसे उपाधियाँ दीं, उनमें ‘अनिवर्तक-निवर्तयिता’ भी, अर्थात् ‘जो लौटाए न जा सकें उन्हें लौटाने वाला’।
यह 730 के दशक में सिन्ध से हुए अरब आक्रमणों और दक्षिण गुजरात में उनकी हार का दिनांकित भारतीय अभिलेख है।










