चित्र: Thomas A. Rust circa 1870 (photograph) Rubbing: Inscription · Public domain
शिलालेख · लगभग 350–375 ई.

समुद्रगुप्त की प्रयाग स्तम्भ प्रशस्ति

प्राप्ति
अशोक का एक स्तम्भ, सम्भवतः पहले कौशाम्बी में खड़ा, अब प्रयागराज के किले में
अब कहाँ
प्रयागराज किले के भीतर (सेना क्षेत्र; प्रवेश सीमित)

समुद्रगुप्त के मंत्री और कवि हरिषेण ने अपने राजा की लम्बी संस्कृत प्रशस्ति उस स्तम्भ पर खुदवाई जिस पर पहले से अशोक के अभिलेख थे।

यह क्या कहता है

इसमें आर्यावर्त के उन राजाओं की सूची है जिन्हें समुद्रगुप्त ने उखाड़ा, दक्षिणापथ के बारह राजा, जिनमें कांची का विष्णुगोप भी था, जिन्हें उसने बन्दी बनाकर फिर छोड़ दिया, और सीमान्त राज्य (समतट, कामरूप, नेपाल आदि) जो कर देते थे। उसे कवि और संगीतज्ञ कहा गया है। बाद में जहाँगीर ने इसी स्तम्भ पर अपनी वंशावली जोड़ दी।

यह क्या सिद्ध करता है

समुद्रगुप्त की विजयों और प्रारम्भिक गुप्त साम्राज्य के स्वरूप का यह मुख्य स्रोत है।

इनका प्रमाण