आज भी खड़ा

रघुनाथ मन्दिर, जम्मू

जम्मू के बीचों-बीच सात देवालयों का परिसर, जिसे पहले दो डोगरा महाराजाओं ने बनवाया। इसके सुनहरे कलशों से जम्मू ‘मन्दिरों का नगर’ कहलाया। यहाँ का संस्कृत पाण्डुलिपि-संग्रह उत्तर भारत के बड़े संग्रहों में गिना जाता है।

निर्माण: 1835 में महाराजा गुलाब सिंह ने आरम्भ किया; 1860 में महाराजा रणबीर सिंह ने पूरा कियास्थान: जम्मू और कश्मीर (जम्मू)देवता: श्रीराम, रघुनाथ रूप में32.73° N, 74.86° E
  1. 1835
  2. 1860
  3. 1894
  4. 30 मार्च और 24 नवम्बर 2002
चित्र: Unknown authorUnknown author · Public domain

01गुलाब सिंह का संकल्प

डोगरा सरदार गुलाब सिंह, जो आगे जम्मू-कश्मीर के महाराजा बने, ने 1835 में मन्दिर आरम्भ किया। वे इसे पूरा होते नहीं देख सके; उनके पुत्र रणबीर सिंह ने 1860 में इसे पूरा कराया। मुख्य गर्भगृह में डोगरा राजवंश के कुलदेवता श्रीराम रघुनाथ रूप में विराजते हैं। चारों ओर के देवालयों की दीवारों पर सैकड़ों देव-मूर्तियाँ हैं, अधिकतर श्रीराम और श्रीकृष्ण की लीलाओं से, और भीतर की दीवारें सोने के पत्र से मढ़ी हैं। बगल के कक्षों में छोटे-छोटे शिवलिंगों की पंक्तियाँ हैं, जिनकी संख्या लाखों में बताई जाती है, ताकि एक ही परिक्रमा में अनेक तीर्थों का दर्शन हो जाए।

02पुस्तकालय और 2002 के आक्रमण

रणबीर सिंह संस्कृत के संरक्षक थे। उन्होंने मन्दिर में पाठशाला और पुस्तकालय स्थापित किया और ग्रन्थों की प्रतिलिपियाँ और अनुवाद कराए। ऑरेल स्टाइन ने 1894 में इसकी पाण्डुलिपियों की सूची बनाई; इनमें वेदों की पुरानी प्रतियाँ और योग, ज्योतिष तथा व्याकरण के ग्रन्थ हैं। 2002 में आतंकवादियों ने मन्दिर पर दो बार आक्रमण किया, 30 मार्च को और फिर 24 नवम्बर को; श्रद्धालु और सुरक्षाकर्मी मारे गए, और दोनों बार कुछ ही दिनों में दर्शन फिर आरम्भ हो गए।

इस स्थान की जीवन-गाथा

  1. 1835महाराजा गुलाब सिंह मन्दिर का निर्माण आरम्भ करते हैं।
  2. 1860महाराजा रणबीर सिंह इसे पूरा कराते हैं।
  3. 1894ऑरेल स्टाइन मन्दिर की संस्कृत पाण्डुलिपियों की सूची प्रकाशित करते हैं।
  4. 30 मार्च और 24 नवम्बर 2002आतंकवादी दो बार मन्दिर पर आक्रमण करते हैं; हर बार पूजा फिर आरम्भ होती है।
दर्शन और यात्रा

मध्य जम्मू के रघुनाथ बाज़ार में, रेलवे स्टेशन से थोड़ी दूरी पर; वैष्णो देवी जाने वाले यात्री प्रायः यहाँ रुकते हैं। थैले और फ़ोन द्वार पर जमा होते हैं।