यह क्या कहता है
रणभूमि और दरबार से आए पत्र मराठा शताब्दी को भीतर से बताते हैं: बाजीराव के अभियान, पानीपत का युद्ध-अभियान, नाना फडणवीस का कारभार। गो. स. सरदेसाई ने 1930 से 1934 के बीच ‘सिलेक्शन्स फ़्रॉम द पेशवा दफ़्तर’ के पैंतालीस खण्ड प्रकाशित किए।
इससे मराठा इतिहास शत्रुओं के वृत्तान्तों के बजाय मराठों के अपने कागज़ों से लिखा जा सकता है।










