चित्र: Madhavrao I · Public domain
पांडुलिपि · 18वीं शताब्दी से 1818 तक

पेशवा दफ़्तर

प्राप्ति
पुणे में पेशवाओं के राजकीय कागज़, जिन्हें 1818 में अंग्रेज़ों ने अपने अधिकार में लेकर एलियनेशन ऑफ़िस में रखा
अब कहाँ
पुणे अभिलेखागार (महाराष्ट्र राज्य अभिलेखागार), पुणे

पेशवाओं के अधीन मराठा राज्य का अभिलेखागार: हिसाब, आदेश और पत्र, मराठी में, अधिकतर मोडी लिपि में, कपड़े के रुमालों में बँधे।

यह क्या कहता है

रणभूमि और दरबार से आए पत्र मराठा शताब्दी को भीतर से बताते हैं: बाजीराव के अभियान, पानीपत का युद्ध-अभियान, नाना फडणवीस का कारभार। गो. स. सरदेसाई ने 1930 से 1934 के बीच ‘सिलेक्शन्स फ़्रॉम द पेशवा दफ़्तर’ के पैंतालीस खण्ड प्रकाशित किए।

यह क्या सिद्ध करता है

इससे मराठा इतिहास शत्रुओं के वृत्तान्तों के बजाय मराठों के अपने कागज़ों से लिखा जा सकता है।

इनका प्रमाण