यह क्या कहता है
इसका अधिकांश भाग बौद्ध वाद-विवाद है, पर इसमें न्याय-वैशेषिक और सांख्य के विचारों की चर्चा और चौंसठ कलाओं की सूची भी है। एक टुकड़े पर विषय-सूची है जिसमें महाभारत के पर्वों के नाम क्रम से हैं और हर एक के बाद संख्या; विराट और अनुशासन पर्व इसमें नहीं हैं।
यह महाभारत के पर्वों की सबसे पुरानी तिथियुक्त सूची है, जो दिखाती है कि दूसरी शताब्दी ई. तक मध्य एशिया में महर्षि व्यास का इतिहास-ग्रन्थ पर्वों में बँटी पुस्तक के रूप में पढ़ा जाता था।









