शैलेन्द्र वंश

'पर्वत के स्वामी', जिन्होंने विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध स्मारक बोरोबुदुर बनवाया। जावा के हिन्दू वंशों के धार्मिक सहोदर, जिनका मैदान, शिल्पी और अन्त में परिवार भी एक ही था।

  1. धरणीन्द्र (इन्द्र)c. 775–782
  2. समराग्रवीरc. 782–812
  3. समरतुंगc. 812–833
  4. प्रमोदवर्धनीmid-9th century
  5. बालपुत्रदेवmid-9th century
काल: लगभग 750–860 ई. (जावा में)क्षेत्र: मध्य जावा; बाद में श्रीविजय के सिंहासन से जुड़ाराजधानियाँ: केदु मैदान, मध्य जावा (मेदांग)
चित्र: Gunawan Kartapranata · CC BY-SA 3.0

01कलासन, 778

778 का कलासन शिलालेख, संस्कृत भाषा और प्राणनागरी लिपि में, बताता है कि शैलेन्द्र राजा के गुरुओं के कहने पर महाराज पणंकरण ने देवी तारा का मन्दिर बनवाया और कलस गाँव संघ को दिया गया। वह मन्दिर आज भी योग्याकार्ता से प्रम्बानन जाने वाली सड़क के किनारे खड़ा है। 782 का केलुराक शिलालेख राजा इन्द्र, अर्थात् धरणीन्द्र, और गौडी यानी बंगाल से आए एक गुरु द्वारा स्थापित मंजुश्री प्रतिमा का नाम लेता है।

02बोरोबुदुर

नौवीं शताब्दी के आरम्भिक दशकों में समरतुंग के समय केदु मैदान की एक पहाड़ी पर बोरोबुदुर पूरा हुआ: नौ परतों वाले चबूतरे, 504 बुद्ध प्रतिमाएँ, 72 जालीदार स्तूप और लगभग 2,670 उत्कीर्ण फलक, जो तीर्थयात्री को कामलोक से अरूपलोक की ओर ऊपर ले जाते हैं। यह बौद्ध स्मारक है और यहाँ उसी रूप में सम्मानित है। इसी मैदान में एक दिन की पैदल दूरी पर संजय राजाओं के हिन्दू मन्दिर थे।

प्रम्बानन (शिवगृह)
स्थान · लगभग 850 ई., मातरम के राकाई पिकातन; 856 ई. का अभिलेखप्रम्बानन (शिवगृह)इण्डोनेशिया का सबसे बड़ा हिन्दू मन्दिर, नौवीं शताब्दी के जावा में त्रिमूर्ति के लिए बना। इसका केन्द्रीय शिव शिखर 47 मीटर ऊँचा है।पढ़ें →

03प्रमोदवर्धनी और रकाई पिकतन

समरतुंग की पुत्री प्रमोदवर्धनी का विवाह शैव संजय वंश के रकाई पिकतन से हुआ। प्रम्बानन के पास प्लाओसन के मन्दिरों पर दोनों के नाम हैं। आगे पिकतन ने प्रम्बानन का महान शिव मन्दिर बनवाया, जिसकी प्रतिष्ठा 856 में हुई। शैलेन्द्र रक्त के बालपुत्रदेव जावा छोड़कर सुवर्णद्वीप के राजा बने और वहीं से नालन्दा में वह विहार बनवाया जिसे पाल राजा ने दान दिया। शैलेन्द्र नाम दो शताब्दी और श्रीविजय में जीवित रहा।

शासक

  1. 1धरणीन्द्र (इन्द्र)केलुराक शिलालेख, 782c. 775–782
  2. 2समराग्रवीरc. 782–812
  3. 3समरतुंगउनके समय बोरोबुदुर पूरा हुआc. 812–833
  4. 4प्रमोदवर्धनीरानी; रकाई पिकतन से विवाहmid-9th century
  5. 5बालपुत्रदेवआगे श्रीविजय के राजा बनेmid-9th century

उनकी विरासत

  • बोरोबुदुर, विश्व का सबसे बड़ा बौद्ध स्मारक
  • कलासन, सेवु, मेन्दुत और प्लाओसन मन्दिर
  • कलासन (778) और केलुराक (782) संस्कृत शिलालेख