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कर्पगनाथर मन्दिर, कडिक्कुलम (कर्पगनाथरकुलम)

कर्पगम कल्पवृक्ष है, और कडिक्कुलम के स्वामी का नाम उसी पर है। सम्बन्दर ने यह धाम गाया; गाँव अब देवता के नाम पर कर्पगनाथरकुलम कहलाता है।

निर्माण: चोल देश का मन्दिर, गोपुर-द्वार सहितस्थान: तमिलनाडु (तिरुवारूर ज़िला)देवता: भगवान शिव कर्पगनाथर (कर्पगेश्वर) रूप में; देवी बालसुन्दरी (सौन्दरनायकी)10.42° N, 79.59° E
चित्र: பா.ஜம்புலிங்கம் · CC BY-SA 4.0

01विनायक और आम

कडिक्कुलम नाम का सरोवर ही स्थान का पुराना नाम बना, और कटहल यहाँ का स्थल-वृक्ष है। मन्दिर के विनायक मांगनी पिल्लैयार हैं, आम वाले गणेश, क्योंकि कथा कहती है कि विनायक ने यहाँ शिव की पूजा कर वह फल पाया। श्रीराम कर्पगनाथर के उपासकों में गिने जाते हैं। तिरुक्कडिक्कुलम पर सम्बन्दर के एक पदिगम ने इसे कावेरी के दक्षिण का 109वाँ तेवारम धाम बनाया। पितृ-दोष से मुक्ति के लिए परिवार यहाँ आते हैं।

दर्शन और यात्रा

तिरुत्तुरैप्पूण्डि से लगभग 15 किमी दक्षिण-पश्चिम, इडुम्बावनम के पास।