कोटि बिप्र बध लागहिँ जाहू । आये सरन तजउँ नहिँ ताहू ॥
सनमुख होइ जीव मोहि जबहीँ । जनम कोटि अघ नासहिं तबहीं ॥
koṭi bipra badha lāgahim̐ jāhū | āye sarana tajaum̐ nahim̐ tāhū ||
sanamukha hoi jīva mohi jabahīm̐ | janama koṭi agha nāsahiṃ tabahīṃ ||
5 श्लोक · 44 में से 60
श्रीराम कहते हैं, जिसे करोड़ ब्राह्मणों की हत्या का पाप लगा हो, शरण आने पर उसे भी मैं नहीं त्यागता, जीव मेरे सम्मुख होते ही करोड़ों जन्मों के पाप मिट जाते हैं। पापी को स्वभाव से मेरा भजन नहीं भाता, दुष्ट हृदय होता तो क्या मेरे सामने आता? निर्मल मन वाला ही मुझे पाता है, मुझे कपट और छल नहीं भाते। सुग्रीव, यदि रावण ने भेद लेने भेजा हो, तब भी कोई हानि नहीं, लक्ष्मण पल भर में सारे राक्षसों को मार सकते हैं। यदि डरकर शरण आया है तो मैं इसे प्राणों की तरह रखूँगा। कृपानिकेत हँसकर कहते हैं, दोनों दशा में इसे ले आओ, और वानर अंगद और हनुमान के साथ चल पड़ते हैं।
कोटि बिप्र बध लागहिँ जाहू । आये सरन तजउँ नहिँ ताहू ॥
सनमुख होइ जीव मोहि जबहीँ । जनम कोटि अघ नासहिं तबहीं ॥
koṭi bipra badha lāgahim̐ jāhū | āye sarana tajaum̐ nahim̐ tāhū ||
sanamukha hoi jīva mohi jabahīm̐ | janama koṭi agha nāsahiṃ tabahīṃ ||
पापवन्त कर सहज सुभाऊ । भजन मोर तेहि भाव न काऊ ॥
जौँ पै दुष्ट हृदय सोइ होई । मोरें सनमुख आव कि सोई ॥
pāpavanta kara sahaja subhāū | bhajana mora tehi bhāva na kāū ||
jaum̐ pai duṣṭa hṛdaya soi hoī | moreṃ sanamukha āva ki soī ||
निर्मल मन जन सो मोहि पावा । मोहि कपट छल-छिद्र न भावा ॥
भेद लेन पठवा दससीसा । तबहुँ न कछु भय हानि कपीसा ॥
nirmala mana jana so mohi pāvā | mohi kapaṭa chala-chidra na bhāvā ||
bheda lena paṭhavā dasasīsā | tabahum̐ na kachu bhaya hāni kapīsā ||
जग महँ सखा निसाचर जेते । लछिमन हनइँ निमिष महँ तेते ॥
जौँ सभीत आवा सरनाई । रखिहउँ ताहि प्रान की नाँई ॥
jaga maham̐ sakhā nisācara jete | lachimana hanaim̐ nimiṣa maham̐ tete ||
jaum̐ sabhīta āvā saranāī | rakhihaum̐ tāhi prāna kī nām̐ī ||
उभय भाँति तेहि आनहु, हँसि कह कृपा-निकेत ।
जब कृपाल कहि चले, अङ्गद हनू समेत ॥
ubhaya bhām̐ti tehi ānahu, ham̐si kaha kṛpā-niketa |
jaba kṛpāla kahi cale, aṅgada hanū sameta ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0