जौँ रघुबीर होति सुधि पाई । करते नहिँ बिलम्ब रघुराई ॥
राम बान रबि उये जानकी । तम बरूथ कहँ जातुधान की ॥
jaum̐ raghubīra hoti sudhi pāī | karate nahim̐ bilamba raghurāī ||
rāma bāna rabi uye jānakī | tama barūtha kaham̐ jātudhāna kī ||
6 श्लोक · 16 में से 60
हनुमान कहते हैं, रघुवीर को आपकी सुध मिली होती तो वे देर न करते। माता, मैं अभी आपको ले जा सकता हूँ, पर राम की दुहाई, प्रभु की आज्ञा नहीं है। कुछ दिन धीरज रखो, वे वानरों के साथ आएँगे, राक्षसों को मारकर आपको ले जाएँगे, और नारद आदि तीनों लोकों में यश गाएँगे। सीता कहती हैं, पुत्र, क्या सब वानर तुम्हारे जैसे हैं? राक्षस तो बड़े बलवान हैं। यह सुनकर कपि अपना असली शरीर प्रकट करते हैं, सोने के पर्वत जैसा विशाल, युद्ध में भयंकर। सीता के मन में भरोसा होता है और कपि फिर छोटे हो जाते हैं। माता, वानरों में बड़ा बल बुद्धि नहीं, प्रभु के प्रताप से नन्हा साँप भी गरुड़ को खा जाता है।
जौँ रघुबीर होति सुधि पाई । करते नहिँ बिलम्ब रघुराई ॥
राम बान रबि उये जानकी । तम बरूथ कहँ जातुधान की ॥
jaum̐ raghubīra hoti sudhi pāī | karate nahim̐ bilamba raghurāī ||
rāma bāna rabi uye jānakī | tama barūtha kaham̐ jātudhāna kī ||
अबहिं मातु मैँ जाउँ लवाई । प्रभु आयसु नहिं राम-दोहाई ॥
कछुक दिवस जननी धरु धीरा । कपिन्ह सहित अइहहिं रघुबीरा ॥
abahiṃ mātu maim̐ jāum̐ lavāī | prabhu āyasu nahiṃ rāma-dohāī ||
kachuka divasa jananī dharu dhīrā | kapinha sahita aihahiṃ raghubīrā ||
निसिचर मारि तोहि लेइ जैहहिं । तिहुँ पुर नारदादि जस गैहहिं ॥
हैं सुत कपि सब तुम्हहिं समाना । जातुधान अति भट अति बलवाना ॥
nisicara māri tohi lei jaihahiṃ | tihum̐ pura nāradādi jasa gaihahiṃ ||
haiṃ suta kapi saba tumhahiṃ samānā | jātudhāna ati bhaṭa ati balavānā ||
मोरें हृदय परम सन्देहा । सुनि कपि प्रगट कीन्हि निज देहा ॥
कनक-भूधराकार सरीरा । समर-भयङ्कर अति बल-बीरा ॥
moreṃ hṛdaya parama sandehā | suni kapi pragaṭa kīnhi nija dehā ||
kanaka-bhūdharākāra sarīrā | samara-bhayaṅkara ati bala-bīrā ||
सीता मन भरोस तब भयऊ । पुनि लघु रूप पवन-सुत लयऊ ॥
sītā mana bharosa taba bhayaū | puni laghu rūpa pavana-suta layaū ||
सुनु माता साखामृग, नहिँ बल-बुद्धि बिसाल ।
प्रभु प्रताप तेँ गरुड़हि, खाइ परम लघु ब्याल ॥
sunu mātā sākhāmṛga, nahim̐ bala-buddhi bisāla |
prabhu pratāpa tem̐ garur̤ahi, khāi parama laghu byāla ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0