लंकाकाण्ड

अध्याय 50: मेघनाद के बाणों से वानर गिरे

5 श्लोक · 50 में से 121

इस अध्याय में क्या होता है

मेघनाद के बाणों से वानर गिरे

मेघनाद ललकारता है: समस्त लोकों में प्रसिद्ध धनुर्धर कोसलपति दोनों भाई कहाँ हैं? नल, नील, द्विविद और सुग्रीव कहाँ हैं, बल की सीमा अंगद और हनुमान कहाँ हैं? भाई से द्रोह करने वाला विभीषण कहाँ है? आज सबको, और उसे तो हठपूर्वक, मारूँगा। ऐसा कहकर वह कठोर बाण चढ़ाता है और अत्यन्त क्रोध से कान तक खींचकर बाणों के समूह छोड़ने लगता है, मानो पंखों वाले बहुत से सर्प दौड़ रहे हों। भालू-वानर जहाँ-तहाँ भाग चलते हैं, सबकी युद्ध की इच्छा भूल जाती है। रण में ऐसा कोई भालू-वानर न दिखा जिसे उसने केवल प्राण-मात्र शेष न छोड़ा हो। सबको दस-दस बाण मारता है, वानर वीर धरती पर गिर पड़ते हैं, और बलवान धीर मेघनाद सिंहनाद करके गरजता है।

50.1

कहँ कोसलाधीस दोउ भ्राता । धन्वी सकल लोक बिख्याता ॥
कहँ नल-नील-दुबिद-सुग्रीवाँ । अङ्गद हनूमन्त बल सींवा ॥

kaham̐ kosalādhīsa dou bhrātā | dhanvī sakala loka bikhyātā ||
kaham̐ nala-nīla-dubida-sugrīvām̐ | aṅgada hanūmanta bala sīṃvā ||

50.2

कहाँ बिभीषन भ्राताद्रोही । आजु सबहि हठि मारउँ ओही ॥
अस कहि कठिन बान सन्धाने । अतिसय क्रोध श्रवन लगि ताने ॥

kahām̐ bibhīṣana bhrātādrohī | āju sabahi haṭhi māraum̐ ohī ||
asa kahi kaṭhina bāna sandhāne | atisaya krodha śravana lagi tāne ||

50.3

सर-समूह सो छाड़ै लागा । जनु सपच्छ धावहिं बहु नागा ॥
जहँ तहँ परत देखि अहिबानर । सनमुख होइ न सके तेहि अवसर ॥

sara-samūha so chār̤ai lāgā | janu sapaccha dhāvahiṃ bahu nāgā ||
jaham̐ taham̐ parata dekhi ahibānara | sanamukha hoi na sake tehi avasara ||

50.4

जहँ तहँ लागि चले कपि रीछा । बिसरी सबहि जुद्ध कै ईछा ॥
सो कपि भालु न रन महँ देखा । कीन्हेसि जेहि न प्रान अवसेखा ॥

jaham̐ taham̐ lāgi cale kapi rīchā | bisarī sabahi juddha kai īchā ||
so kapi bhālu na rana maham̐ dekhā | kīnhesi jehi na prāna avasekhā ||

दो॰ 50दोहा

दस दस सर सब मारेसि, परे भूमि कपि बीर ।
सिंहनाद करि गर्जा, मेघनाद बल धीर ॥

dasa dasa sara saba māresi, pare bhūmi kapi bīra |
siṃhanāda kari garjā, meghanāda bala dhīra ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0