लंकाकाण्ड

अध्याय 4: प्रभु को देखने जलचर उमड़ आते हैं

6 श्लोक · 4 में से 121

इस अध्याय में क्या होता है

प्रभु को देखने जलचर उमड़ आते हैं

गरजते वानर योद्धाओं की सेना चल पड़ी, जिसका वर्णन नहीं हो सकता। श्रीराम सेतु के सिरे पर चढ़कर विशाल समुद्र को निहारते हैं। प्रभु के दर्शन के लिए सब जलचर प्रकट हो जाते हैं: मगर, नाक, मछलियाँ और अनेक प्रकार के सर्प, कुछ सौ योजन लम्बे शरीर वाले, कुछ ऐसे जो उन्हें भी निगल जाएँ, और कुछ ऐसे जिनसे वे भी डरते हैं। पर अब कोई किसी को नहीं सताता। सब प्रभु को देखते हैं, हटाए नहीं हटते, मन में हर्षित और सुखी हैं। वे इतने हैं कि उनकी ओट में जल ही नहीं दिखता। सेतु पर भारी भीड़ हो जाती है, तब कुछ वानर आकाश मार्ग से उड़ते हैं और दूसरे जलचरों की पीठ पर चढ़-चढ़कर पार जाते हैं।

4.1

बाँधि सेतु अति सुदृढ़ बनावा । देखि कृपानिधि के मन भावा ॥
चली सेन कछु बरनि न जाई । गर्जहिँ मरकट भट समुदाई ॥

bām̐dhi setu ati sudṛr̤ha banāvā | dekhi kṛpānidhi ke mana bhāvā ||
calī sena kachu barani na jāī | garjahim̐ marakaṭa bhaṭa samudāī ||

4.2

सेतुबन्ध ढिग चढ़ि रघुराई । चितव कृपाल सिन्धु बहुताई ॥
देखन कहँ प्रभु करुना कन्दा । प्रगट भये सब जलचर-बृन्दा ॥

setubandha ḍhiga car̤hi raghurāī | citava kṛpāla sindhu bahutāī ||
dekhana kaham̐ prabhu karunā kandā | pragaṭa bhaye saba jalacara-bṛndā ||

4.3

मकर नक्र नाना झष व्याला । सत-जोजन-तन परम बिसाला ॥
अइसेउ एक तिन्हहि जे खाहीं । एकन्ह कें डर तेपि डेराहीं ॥

makara nakra nānā jhaṣa vyālā | sata-jojana-tana parama bisālā ||
aiseu eka tinhahi je khāhīṃ | ekanha keṃ ḍara tepi ḍerāhīṃ ||

4.4

प्रभुहि बिलोकहिँ टरहिं न टारे । मन हरषित सब भये सुखारे ॥
तिन्ह की ओट न देखिअ बारी । मगन भये हरि रूप निहारी ॥

prabhuhi bilokahim̐ ṭarahiṃ na ṭāre | mana haraṣita saba bhaye sukhāre ||
tinha kī oṭa na dekhia bārī | magana bhaye hari rūpa nihārī ||

4.5

चला कटकु प्रभु आयसु पाई । को कहि सक कपि-दल-बिपुलाई ॥

calā kaṭaku prabhu āyasu pāī | ko kahi saka kapi-dala-bipulāī ||

दो॰ 4दोहा

सेतुबन्ध भइ भीर अति, कपि नभ-पंथ उड़ाहिं ।
अपर जलचरन्हि ऊपर, चढ़ि चढ़ि पारहि जाहिँ ॥

setubandha bhai bhīra ati, kapi nabha-paṃtha ur̤āhiṃ |
apara jalacaranhi ūpara, car̤hi car̤hi pārahi jāhim̐ ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0