सुनत राम अति कोमल बानी । बालि सीस परसेउ निज पानी ॥
अचल करउँ तनु राखहु प्राना । बालि कहा सुनु कृपानिधाना ॥
sunata rāma ati komala bānī | bāli sīsa paraseu nija pānī ||
acala karaum̐ tanu rākhahu prānā | bāli kahā sunu kṛpānidhānā ||
6 श्लोक · 10 में से 30
कोमल वाणी सुनकर श्रीराम बालि के सिर पर हाथ रखते हैं और कहते हैं, शरीर को अचल कर दूँ, प्राण रखो। बालि मना करता है। मुनि जन्म-जन्म यत्न करते हैं, फिर भी अन्त में राम नाम मुख पर नहीं आता; उसी नाम के बल से शंकर काशी में सबको अविनाशी गति देते हैं, और वही प्रभु आज आँखों के सामने हैं। छन्द में वह कहता है, कौन मूर्ख कल्पवृक्ष काटकर बबूल की बाड़ लगाएगा? वह वर माँगता है कि कर्मवश जिस योनि में जन्मूँ, राम-चरणों में प्रेम रहे, और पुत्र अंगद को सौंपता है कि इसकी बाँह पकड़कर इसे अपना दास बनाइए। दृढ़ प्रीति के साथ बालि देह त्यागता है, जैसे हाथी गले से गिरती फूलमाला को जानता भी नहीं।
सुनत राम अति कोमल बानी । बालि सीस परसेउ निज पानी ॥
अचल करउँ तनु राखहु प्राना । बालि कहा सुनु कृपानिधाना ॥
sunata rāma ati komala bānī | bāli sīsa paraseu nija pānī ||
acala karaum̐ tanu rākhahu prānā | bāli kahā sunu kṛpānidhānā ||
जनम जनम मुनि जतन कराहीँ । अन्त राम कहि आवत नाहीँ ॥
जासु नाम बल सङ्कर कासी । देत सबहि सम गति अबिनासी ॥
janama janama muni jatana karāhīm̐ | anta rāma kahi āvata nāhīm̐ ||
jāsu nāma bala saṅkara kāsī | deta sabahi sama gati abināsī ||
मम लोचन गोचर सोइ आवा । बहुरि कि प्रभु अस बनिहि बनावा ॥
mama locana gocara soi āvā | bahuri ki prabhu asa banihi banāvā ||
सो नयन गोचर जासु गुन नित, नेति कहि श्रुति गावहीं ।
जिति पवन मन गो निरस करि मुनि, ध्यान कबहुँक पावहीं ॥
मोहि जानि अति अभिमान बस, प्रभु कहेहु राखु सरीरही ।
अस कवन सठ हठि काटि सुरतरु, बारि करहि बबूरही ॥
so nayana gocara jāsu guna nita, neti kahi śruti gāvahīṃ |
jiti pavana mana go nirasa kari muni, dhyāna kabahum̐ka pāvahīṃ ||
mohi jāni ati abhimāna basa, prabhu kahehu rākhu sarīrahī |
asa kavana saṭha haṭhi kāṭi surataru, bāri karahi babūrahī ||
अब नाथ करि करुना बिलोकहु, देहु जो बर मागऊँ ।
जेहिं जोनि जन्मौं कर्म बस, तहँ राम-पद अनुरागऊँ ॥
यह तनय मम सम बिनय बल कल्यान प्रद प्रभु लीजिऐ ।
गहि बाहँ सुर-नर नाह आपन, दास अङ्गद कीजिऐ ॥
aba nātha kari karunā bilokahu, dehu jo bara māgaūm̐ |
jehiṃ joni janmauṃ karma basa, taham̐ rāma-pada anurāgaūm̐ ||
yaha tanaya mama sama binaya bala kalyāna prada prabhu lījiai |
gahi bāham̐ sura-nara nāha āpana, dāsa aṅgada kījiai ||
राम चरन दृढ़ प्रीति करि, बालि कीन्ह तनु त्याग ।
सुमन-माल जिमि कंठ तें, गिरत न जानइ नाग ॥
rāma carana dṛr̤ha prīti kari, bāli kīnha tanu tyāga |
sumana-māla jimi kaṃṭha teṃ, girata na jānai nāga ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0