बालकाण्ड

अध्याय 89: शिव की सहमति, सप्तर्षियों का परिहास

5 श्लोक · 89 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

शिव की सहमति, सप्तर्षियों का परिहास

ब्रह्मा बोले, हे मदन का मद हरने वाले, ऐसा कीजिए कि यह उत्सव हम आँख भरकर देखें। काम को जलाकर रति को वर दिया, हे कृपासिन्धु, यह बहुत अच्छा किया। दण्ड देकर फिर कृपा करना स्वामियों का सहज स्वभाव है। पार्वती ने अपार तप किया है, अब उन्हें अंगीकार कीजिए। ब्रह्मा की विनती सुनकर और प्रभु श्रीराम की वाणी याद करके शिव ने सुख मानकर कहा, ऐसा ही हो। देवताओं ने नगाड़े बजाकर फूल बरसाए। अवसर जानकर सप्तर्षि आए, ब्रह्मा ने उन्हें तुरन्त हिमाचल के घर भेजा। वे पहले वहाँ गए जहाँ भवानी थीं और छल से भरे मीठे वचन बोले, तब तुमने नारद के उपदेश के आगे हमारी बात न सुनी, अब तुम्हारा प्रण झूठा हो गया, महेश ने काम को जला दिया।

89.1

यह उत्सव देखिय भरि लोचन । सोह कछु करहु मदन-मद-मोचन ॥
काम जारि रति कहँ बर दीन्हा । कृपासिन्धु यह अति भल कीन्हा ॥

yaha utsava dekhiya bhari locana | soha kachu karahu madana-mada-mocana ||
kāma jāri rati kaham̐ bara dīnhā | kṛpāsindhu yaha ati bhala kīnhā ||

89.2

सासति करि पुनि करहिँ पसाऊ । नाथ प्रभुन्ह कर सहज-सुभाऊ ॥
पारबतीं तप कीन्ह अपारा । करहु तासु अब अङ्गीकारा ॥

sāsati kari puni karahim̐ pasāū | nātha prabhunha kara sahaja-subhāū ||
pārabatīṃ tapa kīnha apārā | karahu tāsu aba aṅgīkārā ||

89.3

सुनि विधि बिनय समुझि प्रभु बानी । ऐसेइ होउ कहा सुख मानी ॥
तब देवन्ह दुंदुभीं बजाईं । बरषि सुमन जय जय सुर-साँई ॥

suni vidhi binaya samujhi prabhu bānī | aisei hou kahā sukha mānī ||
taba devanha duṃdubhīṃ bajāīṃ | baraṣi sumana jaya jaya sura-sām̐ī ||

89.4

अवसर जानि सप्तरिषि आये । तुरतहिं बिधि गिरि-भवन पठाये ॥
प्रथम गये जहँ रही भवानी । बोले मधुर बचन छल-सानी ॥

avasara jāni saptariṣi āye | turatahiṃ bidhi giri-bhavana paṭhāye ||
prathama gaye jaham̐ rahī bhavānī | bole madhura bacana chala-sānī ||

दो॰ 89दोहा

कहा हमार न सुनेहु तब, नारद कें उपदेस ।
अब भा झूठ तुम्हार पन, जारेउ काम महेस ॥

kahā hamāra na sunehu taba, nārada keṃ upadesa |
aba bhā jhūṭha tumhāra pana, jāreu kāma mahesa ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0