बालकाण्ड

अध्याय 76: श्रीराम का शिव से विवाह का आग्रह

5 श्लोक · 76 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

श्रीराम का शिव से विवाह का आग्रह

शिव कहीं मुनियों को ज्ञान का उपदेश देते, कहीं रामगुणों का वर्णन करते। यद्यपि वे निष्काम हैं, फिर भी सर्वज्ञ भगवान भक्त के विरह से दुखी थे। ऐसे बहुत समय बीत गया, रामचरणों में नित्य नई प्रीति होती गई। शंकर का नियम, प्रेम और हृदय में भक्ति की अटल रेखा देखकर कृतज्ञ और कृपालु श्रीराम प्रकट हुए, जो रूप और शील के भण्डार और महान तेजस्वी हैं। उन्होंने बहुत प्रकार शंकर की सराहना की कि तुम्हारे बिना ऐसा व्रत कौन निभा सकता है। फिर शिव को समझाकर पार्वती के जन्म और उनकी अत्यन्त पवित्र करनी का विस्तार से वर्णन किया। अन्त में कहा, हे शिव, यदि मुझ पर स्नेह है तो मेरी विनती सुनो, जाकर शैलजा से विवाह करो, यही मुझे माँगा हुआ दे दो।

76.1

कतहुँ मुनिन्ह उपदेसहिँ ज्ञाना । कतहुँ राम गुन करहिं बखाना ॥
जदपि अकाम तदपि भगवाना । भगत-बिरह-दुख दुखित-सुजाना ॥

katahum̐ muninha upadesahim̐ jñānā | katahum̐ rāma guna karahiṃ bakhānā ||
jadapi akāma tadapi bhagavānā | bhagata-biraha-dukha dukhita-sujānā ||

76.2

एहि विधि गयउ काल बहु बीती । नित नै होइ राम-पद-प्रीती ॥
नेम प्रेम सङ्कर कर देखा । अबिचल हृदयँ भगति कै रेखा ॥

ehi vidhi gayau kāla bahu bītī | nita nai hoi rāma-pada-prītī ||
nema prema saṅkara kara dekhā | abicala hṛdayam̐ bhagati kai rekhā ||

76.3

प्रगटे राम कृतज्ञ कृपाला । रूप-सील-निधि तेज बिसाला ॥
बहु प्रकार सङ्करहि सराहा । तुम्ह बिनु अस ब्रत को निरबाहा ॥

pragaṭe rāma kṛtajña kṛpālā | rūpa-sīla-nidhi teja bisālā ||
bahu prakāra saṅkarahi sarāhā | tumha binu asa brata ko nirabāhā ||

76.4

बहु बिधि राम सिवहि समुझावा । पारबती कर जनम सुनावा ॥
अति पुनीत गिरिजा कै करनी । बिस्तर सहित कृपानिधि बरनी ॥

bahu bidhi rāma sivahi samujhāvā | pārabatī kara janama sunāvā ||
ati punīta girijā kai karanī | bistara sahita kṛpānidhi baranī ||

दो॰ 76दोहा

अब बिनती मम सुनेहु सिव, जौँ मो पर निज-नेहु ।
जाइ बिबाहहु सैलजहि, यह मोहि मागें देहु ॥

aba binatī mama sunehu siva, jaum̐ mo para nija-nehu |
jāi bibāhahu sailajahi, yaha mohi māgeṃ dehu ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0