बालकाण्ड

अध्याय 49: सीताहरण और नर की भाँति राम की खोज

5 श्लोक · 49 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

सीताहरण और नर की भाँति राम की खोज

रावण ने मनुष्य के हाथ से मरने का वर माँगा था, और प्रभु ब्रह्मा के वचन को सत्य करना चाहते थे। शिव सोचते हैं कि न जाऊँ तो पछतावा रहेगा, पर उपाय नहीं सूझता। उसी समय रावण नीच मारीच को साथ लेकर गया, जो कपटी मृग बन गया, और उस मूर्ख ने छल से वैदेही का हरण किया, प्रभु का प्रभाव न जानकर। मृग को मारकर भाई सहित लौटे प्रभु ने सूना आश्रम देखा तो आँखें भर आईं। मनुष्य की तरह विरह से व्याकुल होकर दोनों भाई वन में खोजते फिरते हैं। जिन्हें संयोग और वियोग नहीं होता, उनमें प्रत्यक्ष दुःख दिखा। दोहा कहता है कि रघुपति का विचित्र चरित परम ज्ञानी ही जानते हैं, मोह में पड़े लोग कुछ और समझ बैठते हैं।

49.1

रावन मरन मनुज कर जाचा । प्रभु बिधि बचन कीन्ह चह साँचा ॥
जौँ नहिँ जाउँ रहइ पछितावा । करत बिचार न बनत बनावा ॥

rāvana marana manuja kara jācā | prabhu bidhi bacana kīnha caha sām̐cā ||
jaum̐ nahim̐ jāum̐ rahai pachitāvā | karata bicāra na banata banāvā ||

49.2

एहि बिधि भये सोचबस ईसा । तेही समय जाइ दससीसा ॥
लीन्ह नीच मारीचहि सङ्गा । भयउ तुरत सोइ कपट-कुरङ्गा ॥

ehi bidhi bhaye socabasa īsā | tehī samaya jāi dasasīsā ||
līnha nīca mārīcahi saṅgā | bhayau turata soi kapaṭa-kuraṅgā ||

49.3

करि छल मूढ़ हरी बैदेही । प्रभु प्रभाउ तस बिदित न तेही ॥
मृग बधि बन्धु सहित हरि आये । आस्रम देखि नयन जल छाये ॥

kari chala mūr̤ha harī baidehī | prabhu prabhāu tasa bidita na tehī ||
mṛga badhi bandhu sahita hari āye | āsrama dekhi nayana jala chāye ||

49.4

बिरह बिकल नर इव रघुराई । खोजत बिपिन फिरत दोउ भाई ॥
कबहूँ जोग बियोग न जा के । देखा प्रगट दुसह दुख ताकें ॥

biraha bikala nara iva raghurāī | khojata bipina phirata dou bhāī ||
kabahūm̐ joga biyoga na jā ke | dekhā pragaṭa dusaha dukha tākeṃ ||

दो॰ 49दोहा

अति बिचित्र रघुपति चरित, जानहिँ परम सुजान ।
जे मतिमन्द बिमोह बस, हृदयँ धरहिँ कछु आन ॥

ati bicitra raghupati carita, jānahim̐ parama sujāna |
je matimanda bimoha basa, hṛdayam̐ dharahim̐ kachu āna ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0