बालकाण्ड

अध्याय 352: ब्राह्मणों, विश्वामित्र और वसिष्ठ का सम्मान

5 श्लोक · 352 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

ब्राह्मणों, विश्वामित्र और वसिष्ठ का सम्मान

वसिष्ठ जो आज्ञा देते हैं, वह सब लोक और वेद की विधि से आदर सहित किया जाता है। ब्राह्मणों की भीड़ देखकर सब रानियाँ इसे बड़ा भाग्य जानकर आदर से उठ खड़ी होती हैं। राजा उनके पैर पखारकर स्नान कराते हैं, भली प्रकार पूजकर भोजन कराते हैं, और वे आशीष देते हुए संतुष्ट होकर जाते हैं। फिर राजा गाधिपुत्र विश्वामित्र की अनेक प्रकार पूजा करते हैं और कहते हैं, हे नाथ, मेरे समान धन्य दूसरा कोई नहीं। वे बहुत प्रशंसा करते हैं और रानियों सहित उनकी चरणधूल लेते हैं। उन्हें महल के भीतर उत्तम निवास दिया जाता है। बहुओं सहित कुमार और रानियों सहित राजा बार बार गुरु के चरणों में प्रणाम करते हैं और मुनि आशीष देते हैं।

352.1

जो बसिष्ठ अनुसासन दीन्हा । लोक बेद बिधि सादर कीन्हा ॥
भूसुर भीर देखि सब रानी । सादर उठीं भाग्य बड़ जानी ॥

jo basiṣṭha anusāsana dīnhā | loka beda bidhi sādara kīnhā ||
bhūsura bhīra dekhi saba rānī | sādara uṭhīṃ bhāgya bar̤a jānī ||

352.2

पाय पखारि सकल अन्हवाये । पूजि भली विधि भूप जेवाँए ॥
आदर दान प्रेम परिपोषे । देत असीस चले मन तोषे ॥

pāya pakhāri sakala anhavāye | pūji bhalī vidhi bhūpa jevām̐e ||
ādara dāna prema paripoṣe | deta asīsa cale mana toṣe ||

352.3

बहु बिधि कीन्ह गाधिसुत पूजा । नाथ मोहि सम धन्य न दूजा ॥
कीन्ह प्रसंसा भूपति भूरी । रानिन्ह सहित लीन्ह पग धूरी ॥

bahu bidhi kīnha gādhisuta pūjā | nātha mohi sama dhanya na dūjā ||
kīnha prasaṃsā bhūpati bhūrī | rāninha sahita līnha paga dhūrī ||

352.4

भीतर भवन दीन्ह बर बासु । मन जोगवत रह नृप रनिवासू ॥
पूजे गुरु-पद-कमल बहोरी । कीन्ह बिनय उर प्रीति न थोरी ॥

bhītara bhavana dīnha bara bāsu | mana jogavata raha nṛpa ranivāsū ||
pūje guru-pada-kamala bahorī | kīnha binaya ura prīti na thorī ||

दो॰ 352दोहा

बधुन्ह समेत कुमार सब, रानिन्ह सहित महीस ।
पुनि पुनि बन्दत गुरु चरन, देत असीस मुनीसु ॥

badhunha sameta kumāra saba, rāninha sahita mahīsa |
puni puni bandata guru carana, deta asīsa munīsu ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0