बालकाण्ड

अध्याय 339: सीता की विदाई, बारात का प्रस्थान

5 श्लोक · 339 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

सीता की विदाई, बारात का प्रस्थान

राजा जनक बेटी को अनेक प्रकार समझाते हैं और नारीधर्म व कुल की रीति सिखाते हैं। वे बहुत से दास दासियाँ देते हैं, वे पवित्र सेवक जो सीता को प्रिय हैं। सीता के चलते समय पुरवासी व्याकुल हैं, फिर भी सब शकुन मंगलमय होते हैं। ब्राह्मणों, मंत्रियों और समाज सहित राजा स्वयं पहुँचाने साथ चलते हैं। समय देखकर बाजे बजते हैं और बाराती रथ, हाथी और घोड़े सजाते हैं। दशरथ सब ब्राह्मणों को बुलाकर दान और मान से तृप्त करते हैं। उनके चरणकमलों की धूल सिर पर रखकर वे प्रसन्न मन से आशीर्वाद पाते हैं। गजानन का स्मरण करके वे प्रस्थान करते हैं और अनेक मंगल शकुन होते हैं। देवता हर्षित होकर फूल बरसाते हैं, अप्सराएँ गाती हैं, और अवधपति नगाड़े बजवाते हुए अवधपुरी की ओर चल पड़ते हैं।

339.1

बहु बिधि भूप सुता समुझाई । नारि-धरम कुल-रीति सिखाई ॥
दासीं दास दिये बहुतेरे । सुचि सेवक जे प्रिय सिय केरे ॥

bahu bidhi bhūpa sutā samujhāī | nāri-dharama kula-rīti sikhāī ||
dāsīṃ dāsa diye bahutere | suci sevaka je priya siya kere ||

339.2

सीय चलत ब्याकुल पुरबासी । होहिं सगुन सुभ मङ्गल-रासी ॥
भूसुर सचिव समेत समाजा । सङ्ग चले पहुँचावन राजा ॥

sīya calata byākula purabāsī | hohiṃ saguna subha maṅgala-rāsī ||
bhūsura saciva sameta samājā | saṅga cale pahum̐cāvana rājā ||

339.3

समय बिलोकि बाजने बाजे । रथ गज बाजि बरातिन्ह साजे ॥
दसरथ बिप्र बोलि सब लीन्हे । दान मान परिपूरन कीन्हे ॥

samaya biloki bājane bāje | ratha gaja bāji barātinha sāje ||
dasaratha bipra boli saba līnhe | dāna māna paripūrana kīnhe ||

339.4

चरन-सरोज-धूरि धरि सीसा । मुदित महीपति पाइ असीसा ॥
सुमिरि गजानन कीन्ह पयाना । मङ्गल-मूल सगुन भये नाना ॥

carana-saroja-dhūri dhari sīsā | mudita mahīpati pāi asīsā ||
sumiri gajānana kīnha payānā | maṅgala-mūla saguna bhaye nānā ||

दो॰ 339दोहा

सुर प्रसून बरषहिँ हरषि, करहिं अपछरा गान ।
चले अवधपति अवधपुर, मुदित बजाइ निसान ॥

sura prasūna baraṣahim̐ haraṣi, karahiṃ apacharā gāna |
cale avadhapati avadhapura, mudita bajāi nisāna ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0