बालकाण्ड

अध्याय 312: मार्गशीर्ष में लग्न का निश्चय

5 श्लोक · 312 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

मार्गशीर्ष में लग्न का निश्चय

इस प्रकार स्त्रियाँ सब मनोरथ करती हैं और आनन्द उमड़ उमड़कर उनके हृदय भर देता है। सीता के स्वयंवर में जो राजा आए थे, वे चारों भाइयों को देखकर सुखी हुए और श्रीराम का निर्मल और विशाल यश कहते हुए अपने अपने घर गए। इस प्रकार कुछ दिन बीत गए; सब पुरवासी और बाराती आनन्दित रहे। फिर मंगलों का मूल लग्न का दिन आया, हेमन्त ऋतु का सुहावना अगहन मास। ग्रह, तिथि, नक्षत्र, योग और वार देखकर ब्रह्मा ने स्वयं लग्न शोधा और नारद के हाथ भेज दिया; जनक के ज्योतिषियों ने भी ठीक वही गणना की थी। यह बात सुनकर सब लोग कहने लगे कि ये ज्योतिषी तो दूसरे विधाता हैं। शकुन अनुकूल जानकर ब्राह्मणों ने विदेह से कहा कि निर्मल गोधूलि बेला सब मंगलों का मूल है।

312.1

एहि बिधि सकल मनोरथ करहीं । आनन्द उमगि उमगि उर भरहीं ॥
जे नृप सीय-स्वयम्बर आये । देखि बन्धु सब तिन्ह सुख पाये ॥

ehi bidhi sakala manoratha karahīṃ | ānanda umagi umagi ura bharahīṃ ||
je nṛpa sīya-svayambara āye | dekhi bandhu saba tinha sukha pāye ||

312.2

कहत राम जस बिसद बिसाला । निज निज भवन गये महिपाला ॥
गये बीति कछु दिन एहि भाँती । प्रमुदित पुरजन सकल बराती ॥

kahata rāma jasa bisada bisālā | nija nija bhavana gaye mahipālā ||
gaye bīti kachu dina ehi bhām̐tī | pramudita purajana sakala barātī ||

312.3

मङ्गल मूल लगन-दिन आना । हिम-रितु अगहन मास सुहावा ॥
ग्रह तिथि नखत जोग बर बारू । लगन सोधि विधि कीन्ह बिचारू ॥

maṅgala mūla lagana-dina ānā | hima-ritu agahana māsa suhāvā ||
graha tithi nakhata joga bara bārū | lagana sodhi vidhi kīnha bicārū ||

312.4

पठै दीन्हि नारद सन सोई । गनी जनक के ग़नकन्ह जोई ॥
सुनी सकल लोगन्ह यह बाता । कहहिँ जोतिषी अपर बिधाता ॥

paṭhai dīnhi nārada sana soī | ganī janaka ke ġanakanha joī ||
sunī sakala loganha yaha bātā | kahahim̐ jotiṣī apara bidhātā ||

दो॰ 312दोहा

धेनुधूरि-बेला बिमल, सकल सुमङ्गल-मूल ।
बिप्रन्ह कहेउ बिदेह सन, जानि सगुन अनुकूल ॥

dhenudhūri-belā bimala, sakala sumaṅgala-mūla |
bipranha kaheu bideha sana, jāni saguna anukūla ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0