भूप भरत पुनि लिये बोलाई । हय गय स्यन्दन साजहु जाई ॥
चलहु बेगि रघुबीर-बराता । सुनत पुलक पूरे दोउ भ्राता ॥
bhūpa bharata puni liye bolāī | haya gaya syandana sājahu jāī ||
calahu begi raghubīra-barātā | sunata pulaka pūre dou bhrātā ||
5 श्लोक · 298 में से 361
राजा ने भरत को बुलाकर कहा: जाकर घोड़े, हाथी और रथ सजाओ, शीघ्र रघुवीर की बारात में चलो। यह सुनते ही दोनों भाई पुलकित हो गए। भरत ने सब घुड़साल के अध्यक्षों को बुलाकर आज्ञा दी और वे प्रसन्न होकर दौड़ पड़े। उन्होंने रुचि से जीन कसकर घोड़े सजाए; रंग रंग के उत्तम घोड़े शोभित हुए। सब सुन्दर और चंचल चाल वाले हैं, धरती पर ऐसे पैर रखते हैं मानो जलते लोहे पर रख रहे हों। मानो वे पवन का निरादर करके उड़ना चाहते हों। उन सब पर भरत के समान आयु वाले छबीले राजकुमार सवार हुए, हाथ में धनुषबाण और कमर में तरकश। सब छैल छबीले, शूर, चतुर और नवयुवक हैं, और हर सवार के साथ तलवार चलाने में निपुण दो पैदल सैनिक हैं।
भूप भरत पुनि लिये बोलाई । हय गय स्यन्दन साजहु जाई ॥
चलहु बेगि रघुबीर-बराता । सुनत पुलक पूरे दोउ भ्राता ॥
bhūpa bharata puni liye bolāī | haya gaya syandana sājahu jāī ||
calahu begi raghubīra-barātā | sunata pulaka pūre dou bhrātā ||
भरत सकल साहनी बोलाये । आयसु दीन्ह मुदित उठि धाये ॥
रचि रुचि जीन तुरग तिन्ह साजे । बरन बरन बर बाजि बिराजे ॥
bharata sakala sāhanī bolāye | āyasu dīnha mudita uṭhi dhāye ||
raci ruci jīna turaga tinha sāje | barana barana bara bāji birāje ||
सुभग सकल सुठि चञ्चल करनी । अय इव जरत धरत पग धरनी ॥
माना जाति न जाहिं बखाने । निदरि पवन जनु चहत उड़ाने ॥
subhaga sakala suṭhi cañcala karanī | aya iva jarata dharata paga dharanī ||
mānā jāti na jāhiṃ bakhāne | nidari pavana janu cahata ur̤āne ||
तिन्ह सब छयल भये असवारा । भरत सरिस बय राजकुमारा ॥
सब सुन्दर सब भूषन-धारी । कर सर चाप तून कटि-कारी ॥
tinha saba chayala bhaye asavārā | bharata sarisa baya rājakumārā ||
saba sundara saba bhūṣana-dhārī | kara sara cāpa tūna kaṭi-kārī ||
छरे छबीले छयल सब, सूर सुजान नवीन ।
जुग पदचर असवार प्रति, जे असि कलां प्रबीन ॥
chare chabīle chayala saba, sūra sujāna navīna |
juga padacara asavāra prati, je asi kalāṃ prabīna ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0