तब सिय देखि भूप अभिलाखे । कूर कपूत मूढ़ मन माखे ॥
उठि उठि पहिरि सनाह अभागे । जहँ तहँ गाल बजावन लागे ॥
taba siya dekhi bhūpa abhilākhe | kūra kapūta mūr̤ha mana mākhe ||
uṭhi uṭhi pahiri sanāha abhāge | jaham̐ taham̐ gāla bajāvana lāge ||
5 श्लोक · 266 में से 361
सीता को देखकर कुछ राजा ललचा उठे और क्रूर मूर्ख क्रोधित हुए। वे अभागे कवच पहनकर गाल बजाने लगे, सीता को छीन लो, दोनों राजकुमारों को पकड़कर बाँध लो। धनुष तोड़ने से कुछ नहीं होता, हमारे जीते जी राजकुमारी को कौन ब्याहेगा। विदेह सहायता करें तो दोनों भाइयों सहित उन्हें भी जीत लेंगे। यह सुनकर साधु राजा बोले, ऐसे समाज को देखकर लाज भी लजा गई। तुम्हारा बल, प्रताप और वीरता तो धनुष के साथ चली गई, अब वह शूरता कहाँ से पा ली। ऐसी बुद्धि है तभी विधाता ने मुँह पर कालिख लगा दी। ईर्ष्या, मद और क्रोध छोड़कर नेत्र भरकर श्रीराम को देखो। लक्ष्मण के क्रोध की प्रबल अग्नि में पतंगे मत बनो।
तब सिय देखि भूप अभिलाखे । कूर कपूत मूढ़ मन माखे ॥
उठि उठि पहिरि सनाह अभागे । जहँ तहँ गाल बजावन लागे ॥
taba siya dekhi bhūpa abhilākhe | kūra kapūta mūr̤ha mana mākhe ||
uṭhi uṭhi pahiri sanāha abhāge | jaham̐ taham̐ gāla bajāvana lāge ||
लेहु छड़ाइ सीय कह कोऊ । धरि बाँधहु नृप-बालक दोऊ ॥
तोरें धनुष चाड़ नहिँ सरई । जीवत हमहि कुँअरि को बरई ॥
lehu char̤āi sīya kaha koū | dhari bām̐dhahu nṛpa-bālaka doū ||
toreṃ dhanuṣa cār̤a nahim̐ saraī | jīvata hamahi kum̐ari ko baraī ||
जौँ बिदेह कछु करइ सहाई । जीतह समर सहित दोउ भाई ॥
साधु-भूप बोले सुनि बानी । राज-समाजहि लाज लजानी ॥
jaum̐ bideha kachu karai sahāī | jītaha samara sahita dou bhāī ||
sādhu-bhūpa bole suni bānī | rāja-samājahi lāja lajānī ||
बल प्रताप बीरता बड़ाई । नाक पिनाकहि सङ्ग सिधाई ॥
सोइ सूरता कि अब कहुँ पाई । असि बुधि तो विधि मुँह मसि लाई ॥
bala pratāpa bīratā bar̤āī | nāka pinākahi saṅga sidhāī ||
soi sūratā ki aba kahum̐ pāī | asi budhi to vidhi mum̐ha masi lāī ||
देखहु रामहिँ नयन भरि, तजि इरिषा मद कोहु ।
लखन-रोष पावक प्रबल, जानि सलभ जनि होहु ॥
dekhahu rāmahim̐ nayana bhari, taji iriṣā mada kohu |
lakhana-roṣa pāvaka prabala, jāni salabha jani hohu ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0