सखिन्ह मध्य सिय सोहति कैसी । छबि-गन-मध्य महाछबि जैसी ॥
कर सरोज जयमाल सुहाई । बिस्व-बिजय-सोभा जेहिं छाई ॥
sakhinha madhya siya sohati kaisī | chabi-gana-madhya mahāchabi jaisī ||
kara saroja jayamāla suhāī | bisva-bijaya-sobhā jehiṃ chāī ||
5 श्लोक · 264 में से 361
सखियों के बीच सीता ऐसी शोभित हैं जैसे छवियों के बीच महाछवि। कर-कमलों में सुंदर जयमाला है, जिस पर विश्व-विजय की शोभा छाई है। शरीर में संकोच है और मन में परम उत्साह, यह गूढ़ प्रेम किसी को दिखाई नहीं देता। पास जाकर श्रीराम की छवि देखकर राजकुमारी चित्र में लिखी सी रह गईं। चतुर सखी ने समझाकर कहा, सुंदर जयमाला पहनाओ। सुनते ही उन्होंने दोनों हाथों से माला उठाई, पर प्रेमवश पहनाई नहीं जाती। ऐसा लगता है मानो डंठल सहित दो कमल डरते डरते चंद्रमा को जयमाला दे रहे हों। तब सीता ने श्रीराम के हृदय पर जयमाला डाल दी। यह देखकर देवता फूल बरसाने लगे और सब राजा ऐसे सकुचा गए जैसे सूर्य को देखकर कुमुद।
सखिन्ह मध्य सिय सोहति कैसी । छबि-गन-मध्य महाछबि जैसी ॥
कर सरोज जयमाल सुहाई । बिस्व-बिजय-सोभा जेहिं छाई ॥
sakhinha madhya siya sohati kaisī | chabi-gana-madhya mahāchabi jaisī ||
kara saroja jayamāla suhāī | bisva-bijaya-sobhā jehiṃ chāī ||
तन सकोच मन परम उछाहू । गूढ़ प्रेम लखि परइ न काहू ॥
जाइ समीप राम छबि देखी । रहि जनु कुँअरि चित्र अवरेखी ॥
tana sakoca mana parama uchāhū | gūr̤ha prema lakhi parai na kāhū ||
jāi samīpa rāma chabi dekhī | rahi janu kum̐ari citra avarekhī ||
चतुर सखीं लखि कहा बुझाई । पहिरावहु जयमाल सुहाई ॥
सुनत जुगल कर माल उठाई । प्रेम बिबस पहिराइ न जाई ॥
catura sakhīṃ lakhi kahā bujhāī | pahirāvahu jayamāla suhāī ||
sunata jugala kara māla uṭhāī | prema bibasa pahirāi na jāī ||
सोहत जनु जुग जलज सनाला । ससिहि सभीत देत जयमाला ॥
गावहिँ छवि अवलोकि सहेली । सियँ जयमाल राम उर मेली ॥
sohata janu juga jalaja sanālā | sasihi sabhīta deta jayamālā ||
gāvahim̐ chavi avaloki sahelī | siyam̐ jayamāla rāma ura melī ||
रघुबर उर जयमाल, देखि देव बरषहिँ सुमन ।
सकुचे सकल भुआल, जनु बिलोकि रवि कुमुद-गन ॥
raghubara ura jayamāla, dekhi deva baraṣahim̐ sumana |
sakuce sakala bhuāla, janu biloki ravi kumuda-gana ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0