भूप सहस-दस एकहि बारा । लगे उठावन टरइ न टारा ॥
डगइ न सम्भु सरासन कैसें । कामी बचन सती मन जैसें ॥
bhūpa sahasa-dasa ekahi bārā | lage uṭhāvana ṭarai na ṭārā ||
ḍagai na sambhu sarāsana kaiseṃ | kāmī bacana satī mana jaiseṃ ||
5 श्लोक · 251 में से 361
फिर दस हजार राजा एक साथ उठाने लगे, पर धनुष टाले नहीं टला। शिवजी का धनुष ऐसे नहीं डगमगाया, जैसे कामी के वचनों से सती स्त्री का मन नहीं डिगता। सब राजा ऐसे उपहास के योग्य हो गए जैसे वैराग्य बिना संन्यासी। कीर्ति, विजय और भारी वीरता, सब धनुष के हाथ हारकर वे चले गए। श्रीहीन होकर और हृदय में हारकर राजा अपने अपने समाज में जा बैठे। राजाओं को देखकर जनक अकुला उठे और मानो क्रोध में सने वचन बोले। मेरा प्रण सुनकर द्वीप द्वीप के अनेक राजा आए। देवता और दैत्य भी मनुष्य का शरीर धरकर आए, बहुत से रणधीर वीर आए। मनोहर कन्या, बड़ी विजय और अत्यंत सुंदर कीर्ति पाने को थी, पर लगता है धनुष तोड़कर इन्हें पाने वाले को विधाता ने रचा ही नहीं।
भूप सहस-दस एकहि बारा । लगे उठावन टरइ न टारा ॥
डगइ न सम्भु सरासन कैसें । कामी बचन सती मन जैसें ॥
bhūpa sahasa-dasa ekahi bārā | lage uṭhāvana ṭarai na ṭārā ||
ḍagai na sambhu sarāsana kaiseṃ | kāmī bacana satī mana jaiseṃ ||
सब नृप भये जोग उपहासी । जैसें बिनु बिराग संन्यासी ॥
कीरति विजय बीरता भारी । चले चाप कर बरबस हारी ॥
saba nṛpa bhaye joga upahāsī | jaiseṃ binu birāga saṃnyāsī ||
kīrati vijaya bīratā bhārī | cale cāpa kara barabasa hārī ||
श्रीहत भये हारि हियँ राजा । बैठे निज निज जाइ समाजा ॥
नृपन्ह बिलोकि जनक अकुलाने । बोले बचन रोष जनु साने ॥
śrīhata bhaye hāri hiyam̐ rājā | baiṭhe nija nija jāi samājā ||
nṛpanha biloki janaka akulāne | bole bacana roṣa janu sāne ||
दीप दीप के भूपति नाना । आये सुनि हम जो पन ठाना ॥
देव दनुज धरि मनुज सरीरा । बिपुल बीर आये रनधीरा ॥
dīpa dīpa ke bhūpati nānā | āye suni hama jo pana ṭhānā ||
deva danuja dhari manuja sarīrā | bipula bīra āye ranadhīrā ||
कुँअरि मनोहर बिजय बड़ि, कीरति अति-कमनीय ।
पावनिहार बिरञ्चि जनु, रचेउ न धनु-दमनीय ॥
kum̐ari manohara bijaya bar̤i, kīrati ati-kamanīya |
pāvanihāra birañci janu, raceu na dhanu-damanīya ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0