बालकाण्ड

अध्याय 221: एक सखी का परिचय देना

5 श्लोक · 221 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

एक सखी का परिचय देना

एक कहती है, यह रूप देखकर कौन मोहित न हो? दूसरी प्रेम से कोमल वाणी में कहती है, सयानी, मैंने जो सुना है वह सुनो। ये दोनों दशरथ के पुत्र हैं। इन्होंने मुनि कौशिक के यज्ञ की रखवाली की और रणभूमि में निशाचरों को मारा। जो श्याम, कमलनयन हैं और जिन्होंने मारीच और सुबाहु का मद तोड़ा, वे सुख की खान कौसल्या के पुत्र हैं; उनका नाम राम है और हाथ में धनुष बाण हैं। जो गौर किशोर धनुष बाण लिए पीछे चलते हैं, वे राम के छोटे भाई लक्ष्मण हैं; सुनो सखी, उनकी माता सुमित्रा हैं। ब्राह्मण का काम करके और मार्ग में मुनि की पत्नी का उद्धार करके दोनों भाई धनुषयज्ञ देखने आए हैं। यह सुनकर सब स्त्रियाँ हर्षित होती हैं।

221.1

कहहु सखी अस को तनुधारी । जो न मोह यह रूप निहारी ॥
कोउ सप्रेम बोली मृदु बानी । जो मैँ सुना सो सुनहु सयानी ॥

kahahu sakhī asa ko tanudhārī | jo na moha yaha rūpa nihārī ||
kou saprema bolī mṛdu bānī | jo maim̐ sunā so sunahu sayānī ||

221.2

ये दोऊ दसरथ के ढोटा । बाल-मरालन्हि के कल जोटा ॥
मुनि-कौसिक-मख के रखवारे । जिन्ह रन-अजिर निसाचर मारे ॥

ye doū dasaratha ke ḍhoṭā | bāla-marālanhi ke kala joṭā ||
muni-kausika-makha ke rakhavāre | jinha rana-ajira nisācara māre ||

221.3

स्याम-गात कल-कञ्ज-बिलोचन । जो मारीच-सुभुज-मद मोचन ॥
कौसल्या-सुत सो सुख-खानी । नाम राम धनु-सायक-पानी ॥

syāma-gāta kala-kañja-bilocana | jo mārīca-subhuja-mada mocana ||
kausalyā-suta so sukha-khānī | nāma rāma dhanu-sāyaka-pānī ||

221.4

गौर किसोर बेष बर काछें । कर-सर-चाप राम के पाछें ॥
लछिमन नाम राम लघु भ्राता । सुनु सखि तासु सुमित्रा माता ॥

gaura kisora beṣa bara kācheṃ | kara-sara-cāpa rāma ke pācheṃ ||
lachimana nāma rāma laghu bhrātā | sunu sakhi tāsu sumitrā mātā ||

दो॰ 221दोहा

बिप्र काज करि बन्धु दोउ, मग मुनि-बधू उधारि ।
आये देखन चाप-मख, सुनि हरषीँ सब नारि ॥

bipra kāja kari bandhu dou, maga muni-badhū udhāri |
āye dekhana cāpa-makha, suni haraṣīm̐ saba nāri ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0