बालकाण्ड

अध्याय 204: जनेऊ, गुरुकुल की विद्या और राजकुमारों का कौशल

5 श्लोक · 204 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

जनेऊ, गुरुकुल की विद्या और राजकुमारों का कौशल

बाललीला के ये सरल चरित शारदा, शेष, शम्भु और वेदों ने गाए हैं; जिनका मन इनमें नहीं रमता, उन्हें विधाता ने ठग लिया। कुमार अवस्था आने पर सब भाइयों का यज्ञोपवीत होता है। श्रीराम गुरु के घर पढ़ने जाते हैं और थोड़े ही समय में सब विद्याएँ आ जाती हैं; चारों वेद जिनकी सहज साँस हैं, वही हरि पढ़ें, यह बड़ा कौतुक है। विद्या, विनय और शील से भरे भाई राजाओं के सब खेल खेलते हैं और उनके हाथों में धनुष बाण शोभित हैं। जिन गलियों में वे विचरते हैं, वहाँ नर नारी ठिठक जाते हैं। कोसलपुर के सब वासियों को, बूढ़ों और बालकों को, कृपालु श्रीराम प्राणों से भी प्यारे लगते हैं।

204.1

बालचरित अति सरल सुहाये । सारद सेष सम्भु स्त्रुति गाये ॥
जिन्ह कर मन इन्ह सन नहिँ राता । ते जन बञ्चित किये बिधाता ॥

bālacarita ati sarala suhāye | sārada seṣa sambhu struti gāye ||
jinha kara mana inha sana nahim̐ rātā | te jana bañcita kiye bidhātā ||

204.2

भये कुमार जबहिँ सब भ्राता । दीन्ह जनेऊ गुरु-पितु-माता ॥
गुरु गृह गये पढ़न रघुराई । अलप काल बिद्या सब आई ॥

bhaye kumāra jabahim̐ saba bhrātā | dīnha janeū guru-pitu-mātā ||
guru gṛha gaye par̤hana raghurāī | alapa kāla bidyā saba āī ||

204.3

जाकी सहज स्वास स्त्रुति चारी । सो हरि पढ़ यह कौतुक भारी ॥
विद्या-बिनय निपुन गुन-सीला । खेलहिँ खेल सकल नृप-लीला ॥

jākī sahaja svāsa struti cārī | so hari par̤ha yaha kautuka bhārī ||
vidyā-binaya nipuna guna-sīlā | khelahim̐ khela sakala nṛpa-līlā ||

204.4

करतल बान धनुष अति सोहा । देखत रूप चराचर मोहा ॥
जिन्ह बीथिन्ह बिहरहिँ सब भाई । थकित होहिँ सब लोग लुगाई ॥

karatala bāna dhanuṣa ati sohā | dekhata rūpa carācara mohā ||
jinha bīthinha biharahim̐ saba bhāī | thakita hohim̐ saba loga lugāī ||

दो॰ 204दोहा

कोसलपुर-बासी नर, नारि बृद्ध अरु बाल ।
प्रानहु तेँ प्रिय लागत, सब कहँ राम कृपाल ॥

kosalapura-bāsī nara, nāri bṛddha aru bāla |
prānahu tem̐ priya lāgata, saba kaham̐ rāma kṛpāla ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0