तबहिँ रायँ प्रिय नारि बोलाईं । कौसल्यादि तहाँ चलि आई ॥
अरध-भाग कौसल्यादि दीन्हा । उभय भाग आधे कर कीन्हा ॥
tabahim̐ rāyam̐ priya nāri bolāīṃ | kausalyādi tahām̐ cali āī ||
aradha-bhāga kausalyādi dīnhā | ubhaya bhāga ādhe kara kīnhā ||
5 श्लोक · 190 में से 361
राजा अपनी प्रिय रानियों को बुलाते हैं। वे चरु का आधा भाग कौसल्या को देते हैं और शेष आधे के दो भाग करके एक कैकेयी को देते हैं। बचे हुए के फिर दो भाग होते हैं; राजा उन्हें कौसल्या और कैकेयी के हाथ रखकर सुमित्रा को दिलवाते हैं, जिससे उनका मन प्रसन्न हो। इस प्रकार सब रानियाँ गर्भवती होती हैं और हृदय सुख से भर जाता है। जिस दिन से हरि गर्भ में आए, सब लोकों में सुख और सम्पत्ति छा गई। सुख से कुछ समय बीतता है और प्रभु के प्रकट होने का अवसर आता है। योग, लग्न, ग्रह, वार और तिथि सब अनुकूल हो जाते हैं और चर अचर हर्षित हैं, क्योंकि श्रीराम का जन्म सुख का मूल है।
तबहिँ रायँ प्रिय नारि बोलाईं । कौसल्यादि तहाँ चलि आई ॥
अरध-भाग कौसल्यादि दीन्हा । उभय भाग आधे कर कीन्हा ॥
tabahim̐ rāyam̐ priya nāri bolāīṃ | kausalyādi tahām̐ cali āī ||
aradha-bhāga kausalyādi dīnhā | ubhaya bhāga ādhe kara kīnhā ||
कैकेई कहँ नप सो दयऊ । रहेउ सो उभय भाग पुनि भयऊ ॥
कौसल्या कैकेई हाथ धरि । दीन्ह सुमित्रहि मन प्रसन्न करि ॥
kaikeī kaham̐ napa so dayaū | raheu so ubhaya bhāga puni bhayaū ||
kausalyā kaikeī hātha dhari | dīnha sumitrahi mana prasanna kari ||
एहि बिधि गर्भ-सहित सब नारी । भईँ हृदयँ हरषित सुख-भारी ॥
जा दिन से हरि गर्भहिं आये । सकल लोक सुख-सम्पति छाये ॥
ehi bidhi garbha-sahita saba nārī | bhaīm̐ hṛdayam̐ haraṣita sukha-bhārī ||
jā dina se hari garbhahiṃ āye | sakala loka sukha-sampati chāye ||
मन्दिर महँ सब राजहिँ रानी । सोभा सील तेज की खानीं ॥
सुख-जुत कछुक काल चलि गयऊ । जेहिं प्रभु प्रगट सो अवसर भयऊ ॥
mandira maham̐ saba rājahim̐ rānī | sobhā sīla teja kī khānīṃ ||
sukha-juta kachuka kāla cali gayaū | jehiṃ prabhu pragaṭa so avasara bhayaū ||
जोग लगन ग्रह बार तिथि, सकल भए अनुकूल ।
चर अरु अचर हरष-जुत, राम-जनम सुख-मूल ॥
joga lagana graha bāra tithi, sakala bhae anukūla |
cara aru acara haraṣa-juta, rāma-janama sukha-mūla ||
पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0