बालकाण्ड

अध्याय 174: ब्राह्मण शाप अटल

5 श्लोक · 174 में से 361

इस अध्याय में क्या होता है

ब्राह्मण शाप अटल

ब्राह्मण आगे बोले, हे नीच क्षत्रिय, तूने ब्राह्मणों को बुलाकर उन्हें समुदाय सहित नष्ट करना चाहा, ईश्वर ने हमारा धर्म बचा लिया, अब तू परिवार सहित जाएगा। एक वर्ष के भीतर तेरा नाश हो, और तेरे कुल में पानी देने वाला भी कोई न रहे। शाप सुनकर राजा भय से अत्यन्त व्याकुल हो गए। फिर सुन्दर आकाशवाणी हुई, हे ब्राह्मणो, तुमने विचार करके शाप नहीं दिया, राजा ने कोई अपराध नहीं किया। राजा रसोई में गए, तो वहाँ न भोजन था, न ब्राह्मण रसोइया। अपार चिन्ता लिए राजा लौटे और ब्राह्मणों को सारा प्रसंग सुनाकर भय से व्याकुल होकर धरती पर गिर पड़े। ब्राह्मण बोले, हे राजन, यद्यपि तुम्हारा दोष नहीं, पर होनी नहीं मिटती, ब्राह्मण का शाप बड़ा घोर है, वह टल नहीं सकता।

174.1

छत्रबन्धु तैँ बिप्र बोलाई । घालै लिये सहित समुदाई ॥
ईस्वर राखा धरम हमारा । जैहसि तैँ समेत परिवारा ॥

chatrabandhu taim̐ bipra bolāī | ghālai liye sahita samudāī ||
īsvara rākhā dharama hamārā | jaihasi taim̐ sameta parivārā ||

174.2

सम्बत मध्य नास तव होऊ । जलदाता न रहिहि कुल कोऊ ॥
नृप सुनि साप बिकल अति त्रासा । भइ बहोरि बर गिरा अकासा ॥

sambata madhya nāsa tava hoū | jaladātā na rahihi kula koū ||
nṛpa suni sāpa bikala ati trāsā | bhai bahori bara girā akāsā ||

174.3

बिप्रहु साप बिचारि न दीन्हा । नहिँ अपराध भूप कछु कीन्हा ॥
चकित बिप्र सब सुनि नभ बानी । भूप गयउ जहँ भोजन-खानी ॥

biprahu sāpa bicāri na dīnhā | nahim̐ aparādha bhūpa kachu kīnhā ||
cakita bipra saba suni nabha bānī | bhūpa gayau jaham̐ bhojana-khānī ||

174.4

तहँ न असन नहिँ बिप्र सुआरा । फिरेउ राउ मन सोच अपारा ॥
सब प्रसङ्ग महिसुरन्ह सुनाई । त्रसित परेउ अवनीं अकुलाई ॥

taham̐ na asana nahim̐ bipra suārā | phireu rāu mana soca apārā ||
saba prasaṅga mahisuranha sunāī | trasita pareu avanīṃ akulāī ||

दो॰ 174दोहा

भूपति भावी मिटइ नहिँ, जदपि न दूषन तोर ।
किये अन्यथा होइ नहिँ, बिप्र-साप अति घोर ॥

bhūpati bhāvī miṭai nahim̐, jadapi na dūṣana tora |
kiye anyathā hoi nahim̐, bipra-sāpa ati ghora ||

पाठ का स्रोत: Wikisource · Public domain (Tulsidas, 16th c.; 1925 edition, Wikisource PD-1996 tag); transcription CC BY-SA 4.0